तमिलनाडु गैस रिसाव से पीड़ित गिरिडीह के प्रवासी मजदूर सकुशल लौटे घर 

तमिलनाडु गैस रिसाव से पीड़ित गिरिडीह के प्रवासी मजदूर सकुशल लौटे घर

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिली त्वरित सहायता, सरकार ने घर तक सभी को भेजवाया

राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : रामनिवास यादव

डीजे न्यूज, गिरिडीह : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले स्थित सेंट पीटर्स एंड पॉल सेफ्टेक्स एक्सपोर्ट फैसिलिटी में 21 जून को हुई अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद झारखंड सरकार ने त्वरित एवं संवेदनशील पहल करते हुए प्रभावित प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एवं श्रमायुक्त के मार्गदर्शन में राज्य नियंत्रण कक्ष ने तिरुवल्लूर जिला प्रशासन, तमिलनाडु श्रम विभाग, रेलवे अधिकारियों तथा उपायुक्त रामनिवास यादव ने निरंतर समन्वय स्थापित कर राहत एवं सहायता कार्य संचालित किया। इस संयुक्त प्रयास के परिणामस्वरूप झारखंड के कुल 42 प्रवासी श्रमिकों की सकुशल वापसी सुनिश्चित की गई। झारखंड सरकार के विशेष अनुरोध पर रेलवे प्रशासन द्वारा प्रभावित श्रमिकों के लिए चेन्नई से धनबाद तक विशेष रेल टिकट उपलब्ध कराया गया। इनमें गिरिडीह जिले के तीन प्रवासी श्रमिक-सुंदर राम किरकू, जितेन्द्र बेसरा एवं लखीधर मुर्मू गुरुवार को सकुशल गिरिडीह पहुंचे। गिरिडीह पहुंचने पर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं श्रम अधीक्षक कार्यालय द्वारा सभी श्रमिकों का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा सरकारी वाहन से उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई। साथ ही, श्रम विभाग द्वारा इन सभी श्रमिकों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा नियमानुसार आवश्यक लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, ताकि उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का समुचित लाभ मिल सके। उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन और श्रम विभाग समन्वय स्थापित कर प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि गिरिडीह लौटे सभी श्रमिकों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें। उपायुक्त ने कहा कि झारखंड सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि राज्य के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी आपात स्थिति में उनके हितों की रक्षा हेतु हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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