सूचना आयोग में लंबित 25 हजार मामलों पर विधानसभा में आवाज उठाएं विधायक : निर्मल झुनझुनवाला
डीजे न्यूज, गिरिडीह : सिविल सोसाइटी, गिरिडीह ने झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों और शिकायतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की मांग की है। संस्था के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला ने सभी 81 विधायकों से अपील करते हुए कहा कि सूचना आयोग में वर्षों से लंबित मामलों की नियमित सुनवाई शुरू कराना लोकतंत्र और सुशासन के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सरकार से जवाब मांगने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अधिकार देता है। लेकिन झारखंड में लंबे समय तक सूचना आयोग की नियमित सुनवाई बाधित रहने के कारण करीब 25 हजार से अधिक द्वितीय अपीलें और शिकायतें लंबित हो गई हैं। इन मामलों से किसानों, विद्यार्थियों, पेंशनधारियों, राशन कार्डधारकों, विस्थापितों और आम नागरिकों के अधिकार जुड़े हुए हैं।
निर्मल झुनझुनवाला ने कहा कि हाल ही में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन नियुक्ति के बाद भी नियमित सुनवाई शुरू नहीं होने से लोगों की उम्मीदें अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि सूचना समय पर नहीं मिलने से उसका महत्व समाप्त हो जाता है और इससे सूचना के अधिकार अधिनियम की मूल भावना प्रभावित होती है।
सिविल सोसाइटी ने विधायकों से आग्रह किया है कि वे मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण या अन्य संसदीय माध्यमों से इस विषय को उठाकर सूचना आयोग में तत्काल नियमित सुनवाई शुरू कराने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने, आयोग को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने के लिए नियमित समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग करें।
संस्था का कहना है कि यह किसी दल या संगठन का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों नागरिकों के संवैधानिक अधिकार और पारदर्शी शासन व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। यदि विधानसभा में इस विषय पर प्रभावी पहल होती है तो इससे लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।