सलैया स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज
रेलवे को सौंपा गया हजारों हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन
डीजे न्यूज, पचंबा, गिरिडीह : सलैया स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर सलैया संघर्ष मोर्चा एवं झारखंड रेल यूजर एसोसिएशन का आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार को दोनों संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद रेल मंडल के वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक (Sr. DCM) को स्थानीय नागरिकों के हजारों हस्ताक्षरों से युक्त मांगपत्र सौंपकर विभिन्न लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने गोड्डा–नई दिल्ली एक्सप्रेस (14049/14050) के सलैया स्टेशन पर नियमित ठहराव तथा सप्ताह में तीन दिन संचालन, हटिया–आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस (13513/13514) के ठहराव एवं आरक्षित कोच की पुनर्बहाली, कोडरमा–महेशमुंडा पैसेंजर (53365/53366) का मधुपुर जंक्शन तक विस्तार और सप्ताह के सातों दिन परिचालन की मांग रखी। इसके अलावा न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण, प्लेटफॉर्म विस्तार, यात्री शेड निर्माण तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने का भी आग्रह किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष आरटीआई से प्राप्त आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उनके अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में सलैया स्टेशन से 0.13 करोड़ रुपये की यात्री आय हुई, जबकि न्यू गिरिडीह स्टेशन से 0.06 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई। संगठन का कहना है कि अधिक यात्री और अधिक राजस्व होने के बावजूद सलैया स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होना उचित नहीं है।
मोर्चा ने बताया कि संगठन केवल मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में “टिकट लेकर यात्रा करें” जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि रेलवे का राजस्व बढ़े और जिम्मेदार नागरिक होने का संदेश समाज तक पहुंचे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के तहत सलैया एवं न्यू गिरिडीह स्टेशन परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
संगठन का कहना है कि वर्षों से आवेदन, हस्ताक्षर अभियान, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयास किए जाते रहे हैं। अब क्षेत्र की जनता को रेलवे प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है, जिससे गिरिडीह, पचंबा, सलैया और आसपास के हजारों यात्रियों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, व्यापार और आवागमन में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
ज्ञापन सौंपने वालों में सलैया संघर्ष मोर्चा के गौतम सोनी एवं मिथिलेश पांडे तथा झारखंड रेल यूजर एसोसिएशन की पूजा रत्नाकर, छोटी कुमारी और अभिषेक शामिल थे। संगठन ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि क्षेत्र के रेल यात्रियों के अधिकार और बेहतर रेल सुविधाओं की सामूहिक लड़ाई है।