शिक्षकों के राज्य और जिला स्तरीय सम्मान की राह साफ, पांच सितंबर को होगा सम्मान समारोह
डीजे न्यूज, धनबाद : राज्य की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में अकादमिक योगदान देने वाले शिक्षकों को अब राज्य और जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य से अनुशंसित शिक्षकों के साथ-साथ पाठ्यचर्या एवं पाठ्यपुस्तक निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण, आकलन, डिजिटल सामग्री निर्माण, अनुवाद-संपादन, मॉड्यूल लेखन, शोध और अन्य अकादमिक कार्यों में सक्रिय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में विभागीय सचिव का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) के निदेशक शशि रंजन ने 27 अगस्त 2026 को इससे संबंधित आदेश जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को राज्य स्तर पर शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी प्रकार सभी जिलों में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के माध्यम से जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
राज्य शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य द्वारा आधिकारिक रूप से अनुशंसित शीर्ष तीन शिक्षकों में से जिन शिक्षकों का उस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम चयन नहीं होता है, उन्हें राज्य शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान दिया जाएगा। इस सम्मान के तहत शिक्षक को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल के साथ 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
अकादमिक योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मान
राज्य शैक्षिक योगदान सम्मान के लिए JCERT द्वारा अनुमोदित विभिन्न अकादमिक कार्यों में सक्रिय योगदान देने वाले शिक्षक पात्र होंगे। इनमें सेवारत के साथ सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल हैं। पाठ्यचर्या, पाठ्यपुस्तक, शिक्षक मार्गदर्शिका, कार्यपुस्तिका एवं पूरक सामग्री का निर्माण और समीक्षा, FLN, MTB-MLE, निपुण भारत, समावेशी शिक्षा, भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, स्वास्थ्य, जीवन कौशल, लैंगिक समानता और SDG से जुड़े अकादमिक कार्य करने वाले शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा CPD मॉड्यूल एवं प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने, प्रशिक्षण संचालन, मास्टर ट्रेनर या राज्य साधन सेवी के रूप में योगदान देने, आकलन रूपरेखा एवं प्रश्न सामग्री तैयार करने, सर्वेक्षण और डेटा आधारित अकादमिक सहयोग देने वाले शिक्षक भी सम्मान के पात्र होंगे।
DIKSHA, डिजिटल पाठ, ऑडियो-वीडियो, J-GURUJI, ई-कंटेंट, लाइव स्ट्रीमिंग, पॉडकास्ट, वॉयस ओवर, संपादन एवं तकनीकी अकादमिक समीक्षा के साथ-साथ अनुवाद, भाषा संपादन, प्रूफरीडिंग, संदर्भीकरण, शोध, नवाचार, क्षेत्रीय मार्गदर्शन, मॉनिटरिंग और प्रभाव अध्ययन जैसे कार्यों में सक्रिय योगदान को भी सम्मान के लिए आधार बनाया गया है।
केवल प्रशिक्षण में भाग लेना पर्याप्त नहीं
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी प्रशिक्षण में केवल प्रतिभागी के रूप में शामिल होना सम्मान के लिए पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित शिक्षक का अकादमिक कार्यों में सक्रिय एवं उल्लेखनीय योगदान होना आवश्यक है। संबंधित कार्यों का सत्यापन कार्यक्रम प्रभारी द्वारा किया जाएगा और प्रभाग प्रभारी सितंबर से अगस्त तक किए गए कार्यों के आधार पर शिक्षकों की अनुशंसा करेंगे। लंबित गंभीर विभागीय अनुशासनिक मामले वाले शिक्षक या साधन सेवी सम्मान के पात्र नहीं होंगे।
सम्मानित शिक्षकों की सूची, उनके योगदान का संक्षिप्त विवरण और सम्मान समारोह का अभिलेख JCERT की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाएगा। इससे उनके अकादमिक योगदान का संस्थागत दस्तावेजीकरण हो सकेगा।
जिलों में भी मिलेगा सम्मान
जिला स्तर पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए जिला स्तर से अनुशंसित तीन शिक्षकों में से जिन शिक्षकों को राज्य स्तर से उस वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए अनुशंसित नहीं किया जाता है, उनमें अधिकतम तीन शिक्षकों को जिला शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान दिया जा सकेगा।
इसके साथ ही DIET द्वारा अनुमोदित अकादमिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को जिला शैक्षिक योगदान सम्मान दिया जाएगा। इसमें भी पाठ्यचर्या एवं पाठ्यपुस्तक निर्माण, प्रशिक्षण, आकलन, डिजिटल सामग्री, अनुवाद-संपादन, मॉड्यूल लेखन, शोध, नवाचार, अकादमिक मार्गदर्शन, मॉनिटरिंग आदि में सक्रिय योगदान को आधार बनाया जाएगा।
जिला स्तर के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र या प्रमाण-पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल प्रदान किए जाएंगे। जिला शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान के लिए 15 हजार रुपये की सम्मान राशि निर्धारित की गई है।
वार्षिक अनुदान से होगा आयोजन
राज्य स्तरीय समारोह में प्रमाण-पत्र/फ्रेम, स्मृति चिह्न, शॉल, दस्तावेजीकरण, भोजन और नियमानुसार अनुमन्य यात्रा व्यय सहित अन्य खर्च किए जाएंगे। इसका वहन JCERT सुदृढ़ीकरण मद से किया जाएगा। वहीं जिला स्तरीय समारोह का खर्च DIET को दिए जाने वाले वार्षिक अनुदान से किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षकों के अकादमिक योगदान को औपचारिक पहचान मिलेगी, अनुभवी शिक्षकों का विशेषज्ञ समूह तैयार होगा तथा राज्य में गुणवत्ता, नवाचार, सहयोग और अकादमिक नेतृत्व की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अन्य शिक्षक भी पाठ्यचर्या निर्माण, प्रशिक्षण, सामग्री विकास और शोध जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे।