साक्षरता दिवस पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, कला प्रदर्शन से दिया स्वावलंबन का संदेश
हुसैनाबाद के राजकीय मध्य विद्यालय में क्विज, स्वच्छता जांच और बाल बाजार रहा आकर्षण का केंद्र
डीजे न्यूज, हुसैनाबाद (पलामू) : अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजकीय मध्य विद्यालय हुसैनाबाद के परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नियमित प्रार्थना, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और संविधान की प्रस्तावना के वाचन से हुई। इसके बाद जेसीईआरटी की ओर से भेजे गए न्यूज एवं क्विज तथा विद्यालय पट्ट पर अंकित सामान्य ज्ञान की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई।
इस दौरान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री के नामों की जानकारी दी गई। साथ ही आठ सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि यूनेस्को की ओर से वर्ष 1967 से आठ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है। साक्षरता का अर्थ प्रभावी ढंग से पढ़ने, लिखने, बोलने और सुनने की क्षमता से है। इसे मौलिक मानव अधिकार बताते हुए कहा गया कि साक्षरता के माध्यम से व्यक्ति और समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ विकास के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों को वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया गया कि उस समय भारत की साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत थी, जबकि वर्ष 2001 में यह 64.83 प्रतिशत थी। वहीं राज्यों में केरल की साक्षरता दर करीब 93 प्रतिशत बताई गई। इस दौरान साक्षरता के महत्व को समझाने के लिए “आधी रोटी खाएंगे, फिर भी स्कूल जाएंगे”, “गइया-बकरी चरती जाए, मुनिया बेटी पढ़ती जाए” और “बकरी-सुअर चराएंगे, फिर भी स्कूल जाएंगे” जैसे नारों से विद्यालय परिसर गूंज उठा।
इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की थीम “Literacy for People, the Planet and Prosperity” यानी “लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता” पर भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण बच्चों की ओर से लगाए गए विभिन्न कला एवं रचनात्मकता के स्टॉल रहे। विद्यार्थियों ने स्वनिर्मित कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर विज्ञान प्रदर्शनी, मनमोहक कलाकृतियां और मैजिक शो का आयोजन किया गया। बच्चों ने स्वयं झालमुड़ी और पानीपुरी (गोलगप्पा) के स्टॉल भी लगाए। बीआरसी कर्मी विनोद एवं सन्नी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और बच्चों द्वारा लगाए गए स्टॉल से खरीदारी भी की। विद्यालय के शिक्षकों ने भी बच्चों द्वारा तैयार खाद्य सामग्री खरीदकर उनका उत्साह बढ़ाया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत व्यक्तिगत सफाई अभियान के अंतर्गत बाल संसद के प्रधानमंत्री ने विभिन्न कक्षाओं में विद्यार्थियों के नाखून और पोशाक की स्वच्छता की जांच की।
कार्यक्रम की परिकल्पना एवं आयोजन में शिक्षिका सुषमा पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि इस तरह के रचनात्मक प्रदर्शन से बच्चों की कला एवं प्रतिभा में निखार आता है। साथ ही विद्यार्थियों में स्वरोजगार की भावना विकसित होती है, जो भविष्य में उनके लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक कन्हैया प्रसाद, वरीय सहायक अध्यापक राजेश कुमार सिन्हा, शिक्षिका सुषमा पांडेय, वरीय शिक्षिका आशा कुमारी, रश्मि प्रकाश एवं कंप्यूटर शिक्षक प्रमोद मेहता समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।