रैयतों की जमीन पर मुआवजे के लिए विशेष शिविर का आयोजन
डीजे न्यूज तिसरा,धनबाद : भौरा गेस्ट हाउस में सोमवार को झरिया अंचल कार्यालय की ओर से रैयतों की जमीन से जुड़े मामलों के निष्पादन को लेकर विशेष शिविर लगाया गया। शिविर में चार रैयतों ने जमीन संबंधी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। दोपहर करीब एक बजे सीआई अभय कुमार सिन्हा बलियापुर चले गए, बाद में पुनः गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि सूचना देने के बावजूद केवल चार रैयतों ने ही आवेदन दिया है।
बताया जाता है कि रैयतों की जमीन पर जबरन ओबी डंपिंग और मुआवजा भुगतान के बिना जमीन उपयोग करने के मामले की जांच के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर विधानसभा की विशेष समिति गठित की गई थी। समिति ने भौरा, लोदना समेत कई कोलियरियों का दौरा कर आउटसोर्सिंग परियोजनाओं का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान यह मामला सही पाया गया कि कई स्थानों पर रैयतों की जमीन पर बिना मुआवजा दिए ओबी डंपिंग एवं कोयला खनन किया जा रहा है।
इस संबंध में उपायुक्त द्वारा सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी। उसी के आलोक में धनबाद उपायुक्त के आदेश पर झरिया अंचल कार्यालय की ओर से यह शिविर लगाया गया, ताकि प्रभावित रैयतों को जल्द मुआवजा मिल सके।
वहीं भौरा के रैयतों ने कहा कि वे लोग कई बार बीसीसीएल एवं अंचल कार्यालय में आवेदन और जमीन के दस्तावेज जमा कर चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
झामुमो के वरीय नेता अशेष कुमार सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और धनबाद उपायुक्त इस मामले को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उपायुक्त के निर्देश पर बीसीसीएल पर दबाव बनाने के लिए भौरा कोलियरी में लगभग एक महीने तक माइनिंग चालान बंद रखा गया था।
शिविर में सीआई अभय कुमार सिन्हा, पूर्वी झरिया क्षेत्र के भूसंपदा पदाधिकारी बिनोद कुमार लाल, सुरेंद्र पासवान, झामुमो जिला उपाध्यक्ष काली चरण महतो, संजय रवानी सहित अन्य लोग मौजूद थे।