परिसर में बॉल गिरने से भड़के डॉक्टर ने छात्र को बेरहमी से पीटा, हालत गंभीर
परिजनों व स्थानीय लोगों ने उक्त डॉक्टर के क्लीनिक के बाहर किया हंगामा, प्रशासन ने शांति कराया
डीजे न्यूज, सरिया(गिरिडीह) : रविवार की शाम लगभग छह बजे बच्चों की एक टोली द्वारा क्रिकेट खेलने के दौरान बॉल बगल में ही स्थित एक नीजी नर्सिंग होम के परिसर में जाकर गिर गई। इससे गुस्साए चिकित्सक डा. शिवप्रसाद ने क्रिकेट खेल रहे एक बच्चे की बुरी तरह से पिटाई कर गंभीर रुप से घायल कर देने का आरोप पीड़ित बच्चे के परिजनों ने लगाया है। घायल छात्र के दादा शिवशंकर प्रसाद एवं चाचा ऋषि कुटरियार ने बताया कि प्रतिदिन की तरह तन्मय कुमार अपने अन्य साथियों के साथ सरिया हटिया रोड स्थित तरवे मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान खेलने के क्रम में क्रिकेट का बॉल मैदान के बगल स्थित सिद्धि बिनायक हॉस्पिटल के परिसर में चला गया था। जिसके बाद हॉस्पिटल के संचालक डा. शिवप्रसाद ने गुस्से में आकर पहले तो क्रिकेट खेल रहे बच्चों को दौडाकर पकडऩे की कोशिश की। इस क्रम में कुछ बच्चे गिरकर चोटिल भी हुए। इस क्रम में तन्मय कुमार को उक्त चिकित्सक द्वारा पकडकर बल्ला से ही बुरी तरह से पिटाई करने लगा जिसके कारण मेरा पोता बुरी तरह से घायल हो गया। उसके सिर, पीठ, हाथ व पैर में गंभीर चोट आई और हाथ टूट गया। घटना की सूचना पाकर हमलोग वहां पहुंचकर बच्चे को लेकर सरिया थाना पहुंचे। इसके बाद इलाज हेतु बगोदर अस्पताल ले जाया गए। जहाँ से उसे बेहतर इलाज हेतु पीएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया गया। इधर चिकित्सक के क्रूरतापूर्ण व्यवहार एवं छात्र की पिटाई की सूचना पर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। देर रात ही काफी संख्या में लोग अस्पताल परिसर पहुंचे और घटना को लेकर विरोध जताने लगे। विरोध की सूचना पाकर सरिया थाना प्रभारी पिंकु सिंह सदल बल वहाँ पहुँचकर लोगों को समझा बुझाया एंव दोषियों पर कडी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। इस प्रकार की घटना समाज के एक सभ्य कहे जाने वाले डॉक्टर द्वारा अंजाम दिये जाने पर कई राजनीतिक दल के लोग, समाजसेवी, पंचायत प्रतिनिधि ने इसे गंभीर बताते हुए उक्त डॉक्टर पर कडी कार्रवाई की माँग की ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। वहीं पीडित पक्ष ने सरिया थाना में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की माँग की है ।
वहीं इस घटना के आरोपी चिकित्सक डा. शिवप्रसाद ने कहा कि रविवार को बच्चे क्रिकेट के साथ पत्थरों का टुकड़ा भी उनके परिसर में फेंक रहे थे जिसके कारण उनके बुजुर्गों माता पिता चोटिल भी हुए। इस घटना के बाद उन बच्चों को सिर्फ डाँट फटकार व हाथों से पिटाई किए थे। बल्ले से मारने का आरोप निराधार है। इस घटना के बाद काफी संख्या में लोग हुजूम बनाकर अस्पताल में तोडफोड़ व सीसीटीवी को क्षतिग्रस्त किए हैं। मैं भी आवेदन देकर दोषियों पर कार्रवाई की माँग करुँगा। वहीं घटना को लेकर थाना प्रभारी पिंकु सिंह ने बताया कि पीडित छात्र के पिता के द्वारा आवेदन दिया गया है।आगे की कार्रवाई किया जा रही है।