नौतपा से जंग, डालसा संग: धनबाद में राहगीरों को गर्मी से बचाने के लिए खुला पनशाला
बांटे गए ओआरएस, विधिक टीम ने कानूनी अधिकारों के साथ बांटे स्वास्थ्य टिप्स
डीजे न्यूज, धनबाद : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), धनबाद के अध्यक्ष निकेश कुमार सिन्हा और सचिव मयंक तुषार टोपनो के दिशा-निर्देशानुसार, जिले में चल रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को शिविर का आयोजन किया गया। इस भीषण गर्मी और नौतपा के प्रकोप को देखते हुए मंगलवार को विनोद बिहारी महतो चौक पर लू राहत सह विधिक जागरूकता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि डालसा के सहायक स्वाति कुमारी और मुस्कान चोपड़ा को चैम्बर के अध्यक्ष देवाशीष पाल व कोषाध्यक्ष सुबल चौधरी ने पुष्पा गुच्छा देकर स्वागत किया। अतिथि ने अपने हाथों से ओआरएस का पानी, मीठा और चना खिलाकर इस पनशाला का विधिवत उद्घाटन किया। उपस्थित लोंगो को ओआरएस भी दिया गया। इस सराहनीय कदम की स्थानीय लोगों और राहगीरों ने खूब प्रशंसा की। जागरूकता शिविर के दौरान विधिक टीम के चंदन कुमार, अनामिका सिंह, गीता सिंह पूनम कुमारी, नविन कुमार ने बताया कि कानूनन अधिकारों के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की अपील की। शिविर में मुख्य रूप से शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर ठंडे पेय पदार्थों (जैसे नींबू पानी, छाछ, ओआरएस) का सेवन करते रहें। गर्मी से बचने के लिए ढीले और सूती (कॉटन) कपड़ों का ही इस्तेमाल करें। जब भी घर से बाहर निकलें, धूप का चश्मा लगाएं और गमछे या स्कार्फ से अपने सिर और चेहरे को अच्छी तरह ढक कर रखें। दोपहर की तेज धूप और भीषण गर्मी को देखते हुए, जब तक कोई जरूरी काम न हो, घर से बाहर निकलने से बचें। वही 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता शिविर में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। लोगों को बताया गया कि वे कैसे निःशुल्क विधिक सहायता, वाद (केस) के लिए वकील और बचाव पक्ष के लिए अधिवक्ता की सेवा ले सकते हैं। इसके अलावा विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए मध्यस्थता और ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ के महत्व को भी समझाया गया।
कानूनी जागरूकता के साथ समाज के प्रति डालसा की यह संवेदनशीलता ही असली सफलता : चैंबर
चैंबर के अध्यक्ष देवशीष पाल ने बताया कि इस जानलेवा गर्मी और नौतपा में राहगीरों को पानी और ओआरएस उपलब्ध कराना बहुत पुण्य का कार्य है। कानूनी जागरूकता के साथ-साथ समाज के प्रति यह संवेदनशीलता ही इस अभियान की असली सफलता है। कोषाध्यक्ष सुबल चौधरी ने कहा कि कानूनी अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ नागरिकों की जान-माल और स्वास्थ्य की रक्षा करना भी सामाजिक न्याय का हिस्सा है। इस नौतपा में थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम लू और गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।