मर्सी हॉस्पिटल में डॉ. रोइश उद्दीन ने की गिरिडीह में पहली क्रिटिकल आर्थोस्कोपिक घुटने की सर्जरी
मर्सी हॉस्पिटल गिरिडीह में किफायती कीमत पर एडवांस्ड आर्थोस्कोपिक घुटने की सर्जरी शुरू
डीजे न्यूज, गिरिडीह : मर्सी हॉस्पिटल, गिरिडीह, ने एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक केयर (हड्डी रोग चिकित्सा) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने किफायती कीमत पर फटे हुए ACL (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) को ठीक करने के लिए अपनी पहली क्रिटिकल आर्थोस्कोपिक घुटने की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है।
प्रक्रिया का नाम
प्रॉक्सिमल टिबिया ORIF के साथ देरी से की गई आर्थोस्कोपिक राइट ACL रिकंस्टक्शन और लेटरल मेनिस्कस रिपेयर।
यह सर्जरी कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ.रोइश उद्दीन ने की। इससे गिरिडीह और आसपास के इलाकों के मरीजों को घर के पास ही घुटने के एडवांस्ड मिनिमली इनवेसिव (कम चीर फाड़ वाले) इलाज की सुविधा मिल रही है।
डॉ.रोइश उद्दीन ने बताया कि
ACL का फटना घुटने की एक गंभीर चोट है जिससे अस्थिरता, चलने में कठिनाई, खेल-कूद में रुकावट और घुटने की बार-बार होने वाली समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि आर्थोस्कोपिक ACL रिकंस्ट्रक्शन एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमें छोटे सर्जिकल चीरे और कैमरा असिस्टेड तकनीक का इस्तेमाल करके क्षतिग्रस्त लिगामेंट को ठीक किया जाता है और घुटने की स्थिरता बहाल की जाती है।
यह सफल प्रक्रिया मर्सी हॉस्पिटल की उस प्रतिबद्धता में एक बड़ा कदम है जिसके तहत गिरिडीह और झारखंड के लोगों को एडवांस्ड
ऑर्थोपेडिक और सर्जिकल सेवाएं दी जा रही हैं, ताकि मरीजों को खास इलाज के लिए दूर के बड़े शहरों में न जाना पड़े।
डॉ. रोइश उद्दीन ने बताया कि
“हमें मर्सी हॉस्पिटल, गिरिडीह में किफायती कीमत पर एडवांस्ड आर्थोस्कोपिक घुटने की सर्जरी शुरू करने की खुशी है। हमारा मकसद मरीजों को आधुनिक, एविडेंस बेस्ड (सबूतों पर आधारित) ऑर्थोपेडिक इलाज देना है, जिसमें सही सर्जिकल विशेषज्ञता और सर्जरी के बाद की पूरी देखभाल शामिल हो।”