जनगणना और परिसीमन के बहाने महिला आरक्षण बिल को नजरअंदाज करना मकसद: शिवानी पाल
डीजे न्यूज, रांची: केन्द्र की भाजपा सरकार ने जनगणना और परिसीमन के बहाने महिला आरक्षण को नजरअंदाज करने का काम किया है। यह महिलाओं के साथ छल है, जबकि महिला आरक्षण 2023 में ही उच्च सदन राज्य सभा में भारी बहुमत से पारित हो चुकी है। उक्त बातें अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष शिवानी पाल और सचिव वीणा लिंडा ने बुधवार को सफदर हाशमी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहीं।
कहा कि मोदी सरकार अविलंब 33℅ महिला का आरक्षण लोकसभा और विधानसभाओं में लागू करें।
मोदी सरकार ने रसोई गैस के कीमतों में तीन गुणा बढ़ोतरी कर आम जनता और मजदूर वर्ग के जीवन में बोझ डालने का काम कर रहीं हैं। साथ ही साथ चार लेबर कोड के माध्यम से कोरपोरेट मुनाफा को बढ़ावा देने और मजदूरों को गुलाम बनाने की रणनीति है। मोदी सरकार को रसोई गैस के दामों में बढोत्तरी वापस लेना चाहिए।
विहार सरकार के शिक्षा मंत्री के वक्तव्य कि महिलाओं और बालिकाओं को घर से बाहर कदम रखने पर रोक होना चाहिए कि निंदा और भर्त्सना की गयी। भाजपाई महिलाओं की बराबरी के अधिकार को कुचलने पर अमादा है। इससे संवैधानिक, राजनीतिक और सामाजिक रुप से स्वीकार नहीं की जा सकती है ।
प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष तापसी प्राहराज, राज्य सचिव बीणा लिंडा, राज्य अध्यक्ष शिवानी पाल, राज्य कोषाध्यक्ष माया लायक, रांची जिला सचिव सीमा केरकेट्टा, रांची जिला अध्यक्ष डॉ कीर्ति सिंह मुंडा उपस्थित थे।