जन-कल्याणकारी योजनाओं में सीएसआर फंड का सही उपयोग सुनिश्चित करें कंपनियां: उपायुक्त
स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा मुख्य फोकस
डीजे न्यूज, धनबाद: शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सक्रिय विभिन्न सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में चल रही विभिन्न सीएसआर गतिविधियों की समीक्षा की और कंपनियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप राशि खर्च करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पूर्व में सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत प्रस्तावित वार्षिक एक्शन प्लान पर भी चर्चा की गई।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान
उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया कि सभी कंपनियां अपने सीएसआर फंड का एक बड़ा हिस्सा जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर खर्च करें।
पारदर्शिता और समयबद्धता
उपायुक्त ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे जिन भी परियोजनाओं को हाथ में ले रही हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें। कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और जिला प्रशासन के साथ नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट साझा की जाए।
कौशल विकास पर जोर
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कंपनियों को स्थानीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
योजनाओं में दोहराव रोकने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी कंपनियों, बैंकों एवं एजेंसियों को निर्देश दिया कि जिले में किसी भी नई सीएसआर योजना या गतिविधि को प्रारंभ करने से पूर्व जिला सीएसआर समिति/सीएसआर सेल से अनिवार्य रूप से समन्वय एवं अनुमति प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा एक ही प्रकार की योजनाओं के दोहराव (डुप्लीकेसी) से संसाधनों का समुचित उपयोग प्रभावित होता है। इसलिए सभी संस्थाएं प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पहले जिला सीएसआर टीम के साथ साझा करें, ताकि आवश्यकता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं का संतुलित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि सीएसआर के तहत खर्च होने वाली राशि जनता की संपत्ति है। कंपनियों को केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय धरातल पर दिखने वाले और टिकाऊ कार्य करने होंगे, जिससे धनबाद के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ सके।
उन्होंने कहा कि सभी कॉर्पोरेट घराने और बैंक जिले के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वे सराहनीय हैं, लेकिन जो प्रस्ताव अभी मुख्यालय स्तर पर लंबित हैं संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर उन्हें जल्द से जल्द स्वीकृत कराएं ताकि स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, बीसीसीएल (BCCL), एमपीएल, हर्ल , टाटा स्टील, बैंक और अन्य प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सीएसआर विंग के प्रमुख एवं प्रतिनिधि तथा अन्य विभाग के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।