गिरिडीह में एसआईआर के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा का हल्लाबोल
मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंककर जताया आक्रोश
SIR में देश के 13 करोड़ मतदाताओं का नाम काट दिया गया : सरफराज अहमद
डीजे न्यूज, गिरिडीह : एसआईआर को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों के बीच कथित मतभेद का मामला सामने आने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है।
सोमवार को गिरिडीह जिला मुख्यालय में झामुमो कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन किया और अपना आक्रोश जताया।
राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, पूर्व विधायक केदार हाजरा, पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी, मेयर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार समेत सैकड़ों कार्यकर्ता झामुमो जिला कार्यालय से जिला अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में टावर चौक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। टावर चौक पर पुतला दहन कर SIR के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
पुतला दहन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यसभा सदस्य सरफराज अहमद ने कहा कि देश में अभी तक 13 करोड़ मतदाताओं का नाम काट दिया गया है। इसको लेकर पूरे देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारी आक्रोश है। कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। जबकि चुनाव आयोग को निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए।
झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा SIR के बहाने लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता के वोट देने के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यकों को टारगेट कर मुख्य चुनाव आयुक्त के द्वारा मतदाताओं का नाम काटा जा रहा है।
कार्यक्रम में झामुमो के जिला सचिव महालाल सोरेन, अजीत कुमार पप्पू, दिलीप मंडल, नुनूराम किस्कू उर्फ़ टाइगर, कोलेश्वर सोरेन, शाहनवाज अंसारी, कृष्ण मुरारी शर्मा, राकेश कुमार रॉकी, सन्नी रैन, हलधर राय, अभय सिंह, राकेश रंजन, पवन सिंह, नारायण पाण्डेय, मनोज सिंह, दारा हाजरा, नौशाद अहमद चांद, प्रीति भास्कर, माला देवी, प्रमिला कुमारी, प्रधान मुर्मू, बिरजू मरांडी, अनवर अंसारी, सर्फुद्दीन अंसारी, बिनोद सोरेन, अख्तर अंसारी, मोजाहिद अंसारी, रंजीत राम, चांदमल मरांडी, राजकुमार महतो, मजीद अंसारी, निरंजन राय, अशोक मंडल, बंधन महतो सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।