गिरिडीह में अवैध खनन पर डीसी रामनिवास यादव सख्त, संयुक्त छापेमारी और जब्ती का आदेश

Advertisements

गिरिडीह में अवैध खनन पर डीसी रामनिवास यादव सख्त, संयुक्त छापेमारी और जब्ती का आदेश

बिना चालान और ओवरलोड वाहनों पर होगी कार्रवाई, दो माह में माइंस की फेंसिंग अनिवार्य

डीजे न्यूज, गिरिडीह : जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को लेकर उपायुक्त रामनिवास यादव ने वीसी के माध्यम से जिला खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, खनन इंस्पेक्टर, खनन विभाग के पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनन क्षेत्रों में नियमित रूप से संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया जाए तथा अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि खनन कार्य पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित हो तथा सरकार को किसी प्रकार की राजस्व क्षति न पहुंचे। उन्होंने खनन विभाग एवं पुलिस प्रशासन को समन्वय बनाकर संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि चेक पोस्ट एवं पिकेट पर वाहनों की नियमित जांच की जाए तथा बिना चालान एवं ओवरलोड खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए। विशेष रूप से अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों को जब्त कर प्राथमिकी दर्ज करने एवं नियमानुसार जुर्माना वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रात्रि गश्ती एवं पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि रात के समय होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में सभी माइंस संचालकों को सख्त निर्देश दिया गया कि वे आगामी दो माह के भीतर CTO के प्रावधानों के अनुरूप खनन अथवा उत्खनन प्रारंभ करने से पूर्व अपने-अपने खनन क्षेत्र की बाउंड्री एवं फेंसिंग सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित सीमाओं का अनुपालन हर हाल में किया जाना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन माइंस क्षेत्रों में भूमि संबंधी विवाद उत्पन्न हो रहे हैं, वहां वे स्वयं अमीन की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण कर जमीन की नापी कराएं तथा विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों में पारदर्शिता एवं स्पष्ट सीमांकन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
उपायुक्त ने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जिले में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा कार्रवाई प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि खनन कार्यों की निगरानी एवं कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top