डॉक्टर का ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नाम पर राजगंज के सीमेंट व्यवसायी से दो लाख की साइबर ठगी
डीजे न्यूज, राजगंज, धनबाद : राजगंज बाजार चौक निवासी सीमेंट व्यवसायी राम प्रसाद अग्रवाल साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके बैंक ऑफ इंडिया के दो खातों से यूपीआई के माध्यम से करीब दो लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। इस संबंध में पीड़ित ने राजगंज थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बैंक द्वारा भेजे गए ट्रांजेक्शन संदेशों से उन्हें ठगी की जानकारी मिली।
राम प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि 19 जून को डॉक्टर का अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए उन्होंने गूगल पर खोज की थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने स्वयं को डॉक्टर का सहायक बताते हुए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नाम पर 5 रुपये भुगतान करने को कहा। ऑटो-पे के माध्यम से भुगतान का प्रयास करते समय उन्होंने अपना यूपीआई पिन दर्ज किया, हालांकि ट्रांजेक्शन असफल रहा। इसके बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते को यूपीआई से लिंक किए जाने संबंधी संदेश आने लगे।
उन्होंने बताया कि 22 जून को उनके मोबाइल पर एक के बाद एक छह ट्रांजेक्शन के संदेश आए। इसके बाद वे तत्काल बैंक ऑफ इंडिया शाखा पहुंचे और खाते की जांच कराई। जांच में पता चला कि सुबह 10 बजे से 11:30 बजे के बीच उनके दो खातों से पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल लगभग दो लाख रुपये निकाल लिए गए।
ठगों ने एक खाते से एक लाख रुपये तथा दूसरे खाते से 19,994.99 रुपये, 19,995.99 रुपये, 19,996.98 रुपये, 19,997.99 रुपये और 19,999.84 रुपये की निकासी की।
दिनभर राजगंज और धनबाद के बीच भटकते रहे पीड़ित
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जब वे राजगंज थाना पहुंचे तो उन्हें साइबर थाना धनबाद भेज दिया गया। वहीं, साइबर थाना में बताया गया कि ठगी की राशि दो लाख रुपये से कम होने के कारण संबंधित थाना में ही शिकायत दर्ज करानी होगी। इस प्रक्रिया में वे पूरे दिन राजगंज और धनबाद के बीच भटकते रहे। अंततः देर रात राजगंज थाना में शिकायत जमा की गई, जहां उन्हें अगले दिन बुलाया गया है।
बैंक ने खातों को कराया फ्रीज
बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि जिन खातों में ठगी की राशि भेजी गई है, उन्हें तत्काल फ्रीज करा दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में साइबर अपराध को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस और बैंक प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लिंक, ऑनलाइन भुगतान तथा गूगल पर मिले अज्ञात नंबरों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।