ब्रेकिंग न्यूज : पूर्वी टुंडी के स्कूल का निर्माणाधीन शौचालय का लिंटल व छज्जा गिरा, एक छात्र घायल और आधा दर्जन बाल-बाल बचे 

ब्रेकिंग न्यूज : पूर्वी टुंडी के स्कूल का निर्माणाधीन शौचालय का लिंटल व छज्जा गिरा, एक छात्र घायल और आधा दर्जन बाल-बाल बचे

डीएसई शालिनी डुंगडुंग ने लिया संज्ञान

दिलीप सिन्हा, धनबाद : पूर्व टुंडी प्रखंड के रूपण पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़तोल में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे निर्माणाधीन शौचालय का पूरा लिंटल और छज्जा गिर गया जिसके चपेट में आने से एक छात्र जख्मी हो गया जबकि आधा दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बाल-बाल बच गए। इस घटना से हड़कंप मच गया। स्कूल में मौजूद सभी शिक्षक दौड़े-दौड़े पहुंचे और छात्र को लिंटल और छज्जा के चपेट से बाहर निकाला। तब तक गांव के सैकड़ों लोग पहुंच चुके थे। लोगों में भारी अाक्रोश फैल गया। ग्रामीण घायल छात्र गौउर दत्ता को लेकर तुरंत धनबाद चले गए। धनबाद में सरायढेला स्थित डॉ विकास आनंद के क्लीनिक में भर्ती कराया। परिवार के लोग उपचार के बाद देर शाम बच्चे को घर ले आए। इस घटना को धनबाद की नई डीएसई शालिनी डुंगडुंग ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने देवभूमि झारखंड न्यूज को बताया कि मामले की वह जानकारी ले रही हैं।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि मध्याह्न भोजन के समय कुछ बच्चे निर्माणाधीन शौचायल की ओर खेल रहे थे। तभी शौचालय का लिंटल और छज्जा धड़ाम से गिर गया। इससे एक बच्चा उसकी चपेट में आ गया। बहुत मुश्किल से उसे बाहर निकाला गया। तब तक वह काफी चोटिल हो चुका था। किस्मत अच्छी थी कि आधा दर्जन से अधिक बच्चे लिंटल और छज्जा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए अन्यथा आज एक बड़ा हादसा हो सकता था।

स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि शौचालय निर्माण का कार्य करीब चार महीने से चल रहा है। शुरूआत से ही निर्माण में काफी गड़बड़ी की जा रही थी। शिक्षकों ने इसकी शिकायत पूर्वी टुंडी के जेई से की थी। जेई ने इसकी जांच भी की थी। फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ। लिंटल व छज्जा गिरने से साफ है कि कार्य की गुणवत्ता में खिलवाड़ किया गया। निर्माण कर रही एजेंसी, विभाग के कनीय अभियंता से लेकर सभी संबंधित अधिकारी गुणवत्ता पर नजर नहीं रख रहे हैं। जानकार बताते हैं कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है। स्कूल जैसे जगहों पर निर्माण के नाम पर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रही है.

यहां यह भी बता देना उचित होगा कि कक्षा आठवीं तक के इस स्कूल में मात्र दो शिक्षक हैं। अब दो शिक्षक आठ कक्षा कैसे चलाते होंगे, यह आप समझ सकते हैं।

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