बांसजोड़ा में बवाल, लाठी-डंडे का खुलकर हुआ प्रयोग
आधा दर्जन जख्मी, विरोध में नावागढ़-महुदा मार्ग जाम
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद):
खरखरी ओपी क्षेत्र के बांसजोड़ा में गुरुवार को फुटबॉल मैच के दौरान हुए विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया और दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे चले। बाइकों को क्षतिग्रस्त किया गया। घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने डीवीसी मोड़ के समीप नावागढ़-महुदा सड़क मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम से वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और माहौल शांत किया। घटना में दोनों पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस ने कुछ लोगों को थाना ले आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार रात बाँसजोड़ा मैदान में कतरास के छदियारडीह और फुलारीटाँड़ के बीच फाइनल मैच खेला जा रहा था। इस दौरान दोनों टीमों के समर्थक आपस में भिड़ गए। मैदान में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और उठाकर इधर-उधर भागने लगे। इस घटना में दोनों पक्ष के आधा दर्जन लोगों के जख्मी होने की सूचना है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खेल मैदान में हुए बवाल के बाद फुलारीटाँड़ के असामाजिक तत्वों ने बाँसजोड़ा गांव में घुसकर उत्पात मचाया और घरों में घुसकर लोगों के साथ मारपीट की। इसी घटना के विरोध में सुबह होते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीण पुरुष व महिलाओं ने डीवीसी मोड़ पर नावागढ़-महुदा मार्ग में यातायात अवरूद्ध कर दिया। वे हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही मधुबन थानेदार शुभम कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे।हालात की गंभीरता को भांपते हुए वरीय अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद महुदा इंस्पेक्टर रंजीत कुमार के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायत के आधार पर उपद्रवियों पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और यातायात सुचारू हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दी गयी है। जख्मियों का इलाज कराया जा रहा है और उपद्रव में शामिल तत्वों की पहचान कर उनकी धरपकड़ की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर देर शाम खरखरी ओपी परिसर में मामले को लेकर सामाजिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह का प्रयास जारी था।