अग्निकांड से निपटने की रिहर्सल : समाहरणालय में मॉक ड्रिल, उपायुक्त ने खुद संभाली कमान
डीजे न्यूज, गिरिडीह : अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत समाहरणालय परिसर में आयोजित मॉक ड्रिल के माध्यम से जिला प्रशासन ने आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की अपनी तैयारियों को परखा। पूर्वाह्न 11:30 बजे शुरू हुए इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित कार्रवाई और समन्वय की क्षमता को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्वयं मॉक ड्रिल में भाग लेकर पूरी प्रक्रिया का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अग्निशमन दल की तत्परता, समन्वय और तकनीकी दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मॉक ड्रिल में एक काल्पनिक अग्निकांड की स्थिति उत्पन्न की गई, जहां समाहरणालय पोर्टिको के पास नियंत्रित तरीके से आग लगाकर उसे बुझाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अग्निशमन दल और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर फायर एक्सटिंग्विशर, पानी एवं अन्य उपकरणों के माध्यम से आग पर शीघ्र काबू पाने का सफल अभ्यास किया।
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की नियमित जांच करें। साथ ही, प्रत्येक कार्यालय में आपातकालीन निकासी योजना को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता बिजय सिंह बीरूआ, डीआरडीए निदेशक रंथू महतों सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
वहीं, अग्निशमन पदाधिकारी श्री रवि रंजन सिंह ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर और कार्यस्थल पर छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। उन्होंने गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत तारों की नियमित जांच और ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित रखने पर विशेष बल दिया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन को लेकर वह पूरी तरह सजग है और आमजन की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।