आम की खेती से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, 3100 से अधिक परिवारों को मिला आजीविका का सहारा
डीजे न्यूज, गिरिडीह : बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को डीआरडीए सभागार में बायर-सेलर मीट सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में आम उत्पादकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), खरीदारों एवं विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में बड़े पैमाने पर आम बागवानी विकसित की गई है। वर्तमान में जेएसएलपीएस से जुड़ी 3100 से अधिक महिला लाभुक आम उत्पादन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं, जिससे उनके परिवारों को आजीविका का स्थायी आधार मिला है।
उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से जहां एक ओर जिले में हरित आवरण बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिली है। किसानों और महिला लाभुकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिला प्रशासन उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। बायर-सेलर मीट का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों और खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि किसानों को बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े और उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादित आमों की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में आम की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और बाजार संभावनाओं को दर्शाया गया, जिसकी खरीदारों और आगंतुकों ने सराहना की।
बैठक में आम की खरीद-बिक्री, गुणवत्ता, पैकेजिंग, परिवहन और बाजार विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही उत्पादकों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन और विपणन रणनीति अपनाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आम बागवानी ने उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नए खरीदारों से जुड़ने और बेहतर बाजार प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।अन्य आकर्षक