आदिवासी छात्रों को मिल रही एडवांस आईटी स्किल्स की ट्रेनिंग
डीजे न्यूज, धनबाद: जनजातीय युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल करते हुए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से तीन एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) में बेसिक एवं एडवांस आईटी और कंप्यूटर स्किल्स पर क्षमता निर्माण प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहा है। दो दिवसीय शिविर का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। यह शिविर संस्थान के मैनेजमेंट स्टडीज एवं इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग, जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA), भारत सरकार के सहयोग से संचालित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) फॉर ट्राइबल वेलफेयर के तहत किया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत ईएमआरएस तमाड़ (रांची), ईएमआरएस बसिया (गुमला) और ईएमआरएस कुजरा (लोहरदगा) के कक्षा 10 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को Python प्रोग्रामिंग, एडवांस एक्सेल सहित विभिन्न डिजिटल टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में लाइव डेमो, हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल और इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से छात्रों की तकनीकी समझ और डिजिटल दक्षता विकसित की जा रही है।
एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों की स्थापना जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें उच्च शिक्षा एवं बेहतर करियर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की गई है।
मैनेजमेंट स्टडीज एवं इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर रश्मि सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य आदिवासी छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप डिजिटल स्किल्स देकर उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है।”
विभाग के प्रोफेसर निलाद्रि दास ने कहा, “प्रैक्टिकल आधारित प्रशिक्षण से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे तकनीक का बेहतर उपयोग करना सीखते हैं।”
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्राइबल वेलफेयर जनजातीय कार्य मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से तकनीक आधारित शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जुलाई 2024 में शुरू हुआ यह एक वर्षीय कार्यक्रम वर्तमान में झारखंड के सात ईएमआरएस स्कूलों के 200 से अधिक आदिवासी छात्रों तक पहुंच चुका है।