सरिया में देर रात जेसीबी से खैनी दुकान ध्वस्त, 70 साल पुराने किरायेदारी विवाद ने पकड़ा तूल
दुकानदार और मकान मालिक आमने-सामने, दोनों ने लगाए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप; पुलिस कर रही जांच
डीजे न्यूज, सरिया (गिरिडीह) : सरिया झंडा चौक के समीप स्थित एक खैनी दुकान को सोमवार की देर रात अज्ञात लोगों द्वारा जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार की अहले सुबह लोगों ने दुकान को मलबे में तब्दील देखा। घटना के बाद दुकानदार सह किराएदार अमृत साव और मकान मालिक नीरज कुमार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस संबंध में दुकानदार अमृत साव ने बताया कि सोमवार की रात करीब नौ बजे रोजाना की तरह दुकान बंद कर वह अपने आवास चले गए थे। देर रात अज्ञात लोगों ने जेसीबी की मदद से दुकान को ढहा दिया। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी मिली तो दुकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुकी थी। दुकान में रखा सारा सामान बर्बाद हो गया है।
अमृत साव के अनुसार, वह और उनके पूर्वज पिछले करीब 70 वर्षों से उक्त दुकान में किराएदार के रूप में व्यवसाय करते आ रहे थे। लगभग एक माह पूर्व मकान मालिक ने दुकान खाली करने का मौखिक आदेश दिया था। इस पर उन्होंने 15 नवंबर तक दुकान खाली कर देने का आश्वासन भी दिया था। उनका आरोप है कि निर्धारित समयसीमा पूरी होने से पहले ही दुर्भावनापूर्ण तरीके से रात के अंधेरे में जेसीबी चलवाकर दुकान को ध्वस्त कर दिया गया।
वहीं, मकान मालिक नीरज कुमार ने दुकानदार के आरोपों को खारिज करते हुए अलग ही कहानी बताई। उन्होंने बताया कि वह बैंककर्मी हैं और वर्तमान में ओडिशा में कार्यरत हैं। उनके पिता बोकारो में रहते हैं और अस्वस्थ चल रहे हैं। नीरज कुमार के अनुसार, वे लंबे समय से किराएदार से दुकान खाली करने का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन उनके द्वारा लगातार आनाकानी की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि किराएदार जमीन बेचने का दबाव बना रहे थे और 50 लाख रुपये रंगदारी की मांग भी कर रहे थे। इस संबंध में पूर्व में थाना में आवेदन भी दिया गया है।
नीरज कुमार ने आगे बताया कि उन्होंने किराएदार से स्पष्ट कहा था कि यदि दुकान खाली नहीं की गई तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। उनका आरोप है कि इसी विवाद के कारण किराएदार ने अपना सारा सामान निकालकर षड्यंत्र के तहत बीती रात दुकान को ध्वस्त कर दिया, ताकि उन्हें और उनके परिवार को फंसाया जा सके।
फिलहाल दुकान ध्वस्त किए जाने की इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुकान किसके द्वारा और किन परिस्थितियों में ध्वस्त की गई।