जामताड़ा में चार साइबर अपराधी गिरफ्तार, 11 मोबाइल और 15 सिम कार्ड बरामद
पीएनबी और यूको बैंक के केवाईसी अपडेट के नाम पर APK फाइल डाउनलोड कराकर करते थे ठगी, देशभर में फैला था नेटवर्क
डीजे न्यूज, जामताड़ा : जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से 11 मोबाइल फोन और 15 सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार अपराधी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और यूको बैंक के केवाईसी अपडेट करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी करते थे। इनका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था।
पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह (भा.पु.से.) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) अमित रविदास के नेतृत्व में पु.नि.-सह-थाना प्रभारी राजेश मंडल और पु.नि. कृष्णा कुमार के साथ छापामारी दल का गठन किया गया।
छापामारी दल ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पतरोडीह स्थित सड़क से करीब 200 मीटर पश्चिम झाड़ीनुमा स्थान पर छापामारी कर साइबर अपराध करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। इसके बाद नारायणपुर थाना क्षेत्र में पबिया से चिरूडीह जाने वाली सड़क से करीब 100 मीटर दक्षिण क्रेसर के निकट परती जमीन के पास छापामारी कर दो अन्य साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों के नाम
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में दिलबहार अंसारी (25 वर्ष), पिता सुलतान मियां और सहबाज अंसारी (23 वर्ष), पिता रज्जाक मियां, दोनों ग्राम पतरोडीह निवासी हैं। वहीं, तीसरे आरोपित वन्द्र प्रकाश दास (36 वर्ष), पिता जितेन्द्र दास, ग्राम लोकनियां और चौथे आरोपित आनन्द दास (42 वर्ष), पिता लखी दास, ग्राम मोहलीडीह निवासी हैं। सभी आरोपित नारायणपुर थाना क्षेत्र, जिला जामताड़ा के रहने वाले हैं।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस की जांच में साइबर ठगी के दो तरीके सामने आए हैं। पहला, पंजाब नेशनल बैंक के केवाईसी अपडेट करने के नाम पर तथा क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड लेने की बात कहकर लोगों को झांसे में लिया जाता था। इसके बाद उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाकर क्रेडिट कार्ड से संबंधित सभी तरह की गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी की जाती थी।
दूसरे तरीके में यूको बैंक के केवाईसी अपडेट करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाई जाती थी। इसके माध्यम से मोबाइल और बैंकिंग से संबंधित गोपनीय जानकारी प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
साइबर थाना में मामला दर्ज
इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 70/26, दिनांक 02.11.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 111(2)(b), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 3(5), आईटी एक्ट की धारा 66(B), 66(C), 66(D) तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट 2023 की धारा 42(3)(e) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापामारी दल में ये थे शामिल
छापामारी दल में पु.नि.-सह-थाना प्रभारी राजेश मंडल, साइबर अपराध थाना, जामताड़ा, पु.नि. कृष्णा कुमार तथा साइबर अपराध थाना के रिजर्व गार्ड के आरक्षी/हवलदार शामिल थे।
जामताड़ा पुलिस ने आम लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर मांगी जाने वाली गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।