आईआईटी (आईएसएम) में शोधार्थियों को आधुनिक रिसर्च टूल्स का प्रशिक्षण
डीजे न्यूज, धनबाद : शोध की गुणवत्ता में सुधार और भारतीय शोध को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान की सेंट्रल लाइब्रेरी ने क्लैरिवेट एनालिटिक्स के सहयोग से ‘मेक योर रिसर्च काउंट’ विषय पर इस कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें फैकल्टी सदस्यों, रिसर्च स्कॉलर्स और विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल रिसर्च टूल्स के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. सरत कुमार दास, सेंट्रल लाइब्रेरी के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. सुमंत के. पाढ़ी, लाइब्रेरियन पार्थ डे और डिप्टी लाइब्रेरियन सतीश कुमार उपस्थित थे।
क्लैरिवेट की लीड सॉल्यूशन कंसल्टेंट (रिसर्च एंड एनालिटिक्स) डॉ. सुभाश्री नाग ने रिसोर्स पर्सन के रूप में विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया। उन्होंने वेब ऑफ साइंस, रिसर्च असिस्टेंट, एंडनोट और इनसाइट्स जैसे टूल्स के माध्यम से शोध कार्य को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के तरीके समझाए।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को भरोसेमंद शोध पत्रों की पहचान, साइटेशन ट्रैकिंग, लिटरेचर डिस्कवरी, रेफरेंस मैनेजमेंट और रिसर्च पेपर तैयार करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसके अलावा संस्थानों के शोध प्रदर्शन का मूल्यांकन, वैश्विक शोध संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशने और शोध के प्रभाव को मापने पर भी चर्चा हुई।
वहीं, जर्नल साइटेशन रिपोर्ट्स (जेसीआर) और जर्नल होराइजन कैटेगरी डेटा (जेएचसीडी) के माध्यम से शोध पत्र प्रकाशित करने के लिए उपयुक्त जर्नल के चयन और उनकी रैंकिंग समझने की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण वेब ऑफ साइंस के ट्रायल एक्सेस की शुरुआत रही। समापन पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसके बाद हाई टी के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ के साथ शोध से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।