जनता दरबार में बुजुर्ग की समस्या का त्वरित समाधान
उपायुक्त के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने सुनिश्चित किया राशन
डीजे न्यूज, धनबाद: समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में अपनी व्यथा लेकर पहुंचे बी०एम०पी० कुष्ठ कॉलोनी, धनबाद निवासी बुजुर्ग बहादुर राय की समस्या का समाधान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के त्वरित हस्तक्षेप से कर दिया गया है।
जनता दरबार में बहादुर राय ने उपायुक्त के समक्ष आवेदन सौंपते हुए बताया कि वे अत्यंत निर्धन व विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं तथा पिछले दो महीनों से उन्हें राशन प्राप्त नहीं हो पा रहा था। डीलर द्वारा फिंगरप्रिंट न मिलने का हवाला देकर उन्हें राशन देने में असमर्थता जताई जा रही थी।
मामले की गंभीरता और बुजुर्ग की लाचारी को देखते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त के निर्देश के आलोक में आपूर्ति विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी अड़चनों को दूर किया और बुजुर्ग को राशन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण कर दी।
राशन मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित होने के उपरांत बुजुर्ग बहादुर राय ने उपायुक्त एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक होकर धन्यवाद दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े मामलों, विशेषकर दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय वर्ग की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी पात्र लाभुक को उसके हक से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
जनता दरबार में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए शिकायतकर्ताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों से उपायुक्त को अवगत कराया।
जनता दरबार में अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जान से मारने की धमकी एवं जमीन हड़पने, पेंशन, जमीन विवाद, होमगार्ड चयन, प्रमाण पत्र निर्गत करने, मुआवजा राशि का भुगतान नहीं होने, राशन कार्ड, विद्यालय में नामांकन नहीं होने, विधवा एवं वृद्धा पेंशन, तालाब एवं शौचालय निर्माण सहित अन्य मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया। वहीं, शेष आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए लंबित मामलों का यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करें, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।