नौकरी का बड़ा पैकेज छोड़ा, अब आसमान छूने की तैयारी में गिरिडीह का कन्हैया रजक
एसी वर्ग से आने के बावजूद सामान्य श्रेणी में हासिल किया स्थान, सोना-सोबरन उड़ान अकादमी की पात्रता परीक्षा में राज्य में दूसरा स्थान
डीजे न्यूज, गिरिडीह : प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर देवरी प्रखंड के चतरो निवासी कन्हैया लाल रजक ने जिले को गौरवान्वित किया है। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सोना-सोबरन उड़ान अकादमी की पात्रता परीक्षा में सफल होकर उन्होंने राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से आने के बावजूद कन्हैया ने सामान्य श्रेणी में अपनी जगह बनाई है।
कन्हैया की इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे कन्हैया की प्रारंभिक शिक्षा बीएनएस डीएवी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 में एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्हें एक बड़ी कंपनी में नौकरी भी मिली और अच्छा पैकेज प्राप्त हुआ। हालांकि, उन्होंने नौकरी तक सीमित रहने के बजाय अपने सपनों को नई उड़ान देने का निर्णय लिया।
**दादा से मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा**
कन्हैया की सफलता के पीछे परिवार का शैक्षणिक माहौल और उनके दादा का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा है। उनके दादा रामदेव रजक अपने समाज के गिने-चुने स्नातक शिक्षित लोगों में शामिल थे और शिक्षक बने थे। वहीं, उनके पिता गोपाल रजक पेशे से अधिवक्ता हैं। कन्हैया को अपने दादा से हमेशा आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की प्रेरणा मिलती रही।
**पायलट बनने के सपने को मिलेगी उड़ान**
झारखंड सरकार की सोना-सोबरन उड़ान अकादमी का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए राज्य सरकार प्रत्येक प्रशिक्षु पर लाखों रुपये खर्च करती है। प्रतिवर्ष 15 अभ्यर्थियों के चयन का प्रावधान बताया गया है।
कन्हैया लाल रजक का इस प्रतिष्ठित योजना में चयन उनकी मेहनत, प्रतिभा और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रमाण है। अब प्रशिक्षण के माध्यम से कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में उनका सफर आगे बढ़ेगा। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते हैं।