गिरिडीह में लोक लेखा समिति सख्त, लंबित वित्तीय आपत्तियों पर अधिकारियों को अल्टीमेटम
डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने सरकारी विभागों में लंबित लेखा आपत्तियों के निष्पादन को लेकर सख्ती दिखाई है। सोमवार को गिरिडीह परिसदन में समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों, कैग की रिपोर्ट और स्थानीय निकायों के वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदन की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति ने संबंधित अधिकारियों को लंबित आपत्तियों का बिंदुवार परीक्षण कर उनका त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
गिरिडीह परिसदन पहुंचने पर समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद आयोजित बैठक में समिति के सदस्य सह बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, बहरागोड़ा विधायक समीर महंती, मनोहरपुर विधायक जगत मांझी और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी उपस्थित रहे।
**हर जिले में नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने का निर्देश**
बैठक में समिति ने लंबित मामलों की निगरानी और उनके शीघ्र निष्पादन के लिए प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों से लंबित आपत्तियों की वर्तमान स्थिति, उनके निराकरण के लिए उठाए गए कदमों और आ रही समस्याओं की जानकारी ली गई। समिति ने स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक के भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के प्रतिवेदनों में दर्ज आपत्तियों के साथ वर्ष 2014-15 के स्थानीय निकायों से संबंधित वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदन में लंबित कंडिकाओं की भी समीक्षा की गई। समिति ने इन मामलों के निष्पादन में तेजी लाने पर जोर दिया।
**कई विभागों के मामलों की हुई समीक्षा**
समिति ने वन, पुलिस, खनन, प्रदूषण, निबंधन, पंचायती राज, उत्पाद, परिवहन, वाणिज्यकर, ऊर्जा, आपूर्ति, भू-अर्जन, नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं सहकारिता समेत विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान आपत्तियों के कारणों, विभागीय कार्रवाई और उनके समाधान में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई।
समिति ने सरकारी अभिलेखों और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने, विभागीय जवाबदेही तय करने तथा लंबित लेखा मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक, जिला खनन पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्यपालक अभियंता मौजूद थे।