जामताड़ा शहर में फिर शुरू हुई बीट पुलिसिंग, तीन बीट में बांटा गया शहरी क्षेत्र
पुलिसकर्मी अपने निर्धारित क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर आम नागरिकों, दुकानदारों, व्यवसायियों, बैंककर्मियों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य संस्थानों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे
डीजे न्यूज, जामताड़ा : जामताड़ा शहर में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से रविवार को बीट पुलिसिंग व्यवस्था की शुरुआत की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीट पुलिसिंग कोई नई व्यवस्था नहीं, बल्कि पारंपरिक पुलिसिंग का ही आधुनिक रूप है। इसके माध्यम से पुलिसकर्मी अपने निर्धारित क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर आम नागरिकों, दुकानदारों, व्यवसायियों, बैंककर्मियों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य संस्थानों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
पुलिस ने जामताड़ा थाना क्षेत्र के शहरी इलाके को फिलहाल बीट-1, बीट-2 और बीट-3 में बांटा है। प्रत्येक बीट में एक सब इंस्पेक्टर को बीट पदाधिकारी तथा एक एएसआई को सहायक बीट पदाधिकारी बनाया गया है। बीट पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर को स्थायी सरकारी संपर्क नंबर के रूप में जारी किया गया है। अधिकारी के स्थानांतरण के बावजूद बीट का नंबर नहीं बदलेगा।
बीट-1 का नाम कायस्थ पाड़ा रखा गया है। इसके बीट पदाधिकारी एसआइ सुनील कुमार सिंह तथा सहायक बीट पदाधिकारी एएसआई धर्मेंद्र रजक हैं। इसके अंतर्गत टावर चौक, कायस्थ पाड़ा, बाजार रोड, पुराना हटिया, गिरासार, महोल डंगाल, मालपाड़ा, रावरी, रक्षा काली मंदिर, जीतू डंगाल, कंबाइन बिल्डिंग, न्यू पांडेय जी, पांडेय जी, रेलवे स्टेशन, इंदिरा चौक, साइडिंग मोड़, दुंगारोड, सेमलबढ़िया, डीसी-एसपी आवास एवं समाहरणालय परिसर शामिल हैं।
बीट-2 को न्यू टाउन नाम दिया गया है। इसके प्रभारी एसआइ अभय कुमार और सहायक बीट पदाधिकारी एएसआई भूषण पंडित हैं। इसके क्षेत्र में न्यू टाउन, सिनेमा हॉल, गांधी मैदान, आम बगान, सिदो-कान्हू चौक, सुभाष चौक, सड़क-डी और पाकड़ी क्षेत्र शामिल हैं।
बीट-3 को पालबागान नाम दिया गया है। इसके प्रभारी एसआइ लाल बाबू तथा सहायक बीट पदाधिकारी एएसआई प्रदीप कुमार सिंह हैं। इसके अंतर्गत नूर मोहल्ला, सुभाष चौक, फूल के आगे का क्षेत्र, पुराना कोड़, नया कोड़, गधूड़ी, साहना, गायशान, कोल रोड, पुराना कॉलेज, प्रेमधाम, मिहिजाम रोड, किलाबाद और चांदरी क्षेत्र शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीट पुलिसिंग का मुख्य फोकस अपराध और अपराधियों पर नजर रखने के साथ महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा, छेड़खानी तथा अन्य घटनाओं की रोकथाम पर रहेगा। कैश फ्लो वाले प्रतिष्ठानों, बैंकों, स्कूल-कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार बीट पदाधिकारियों की निगरानी सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय से होगी। थाना प्रभारी अपने स्तर से बीट पदाधिकारियों में बार-बार बदलाव नहीं कर सकेंगे। अगले आदेश तक निर्धारित पदाधिकारी अपने-अपने बीट में कार्य करेंगे, ताकि आम लोगों को एक स्थायी पुलिस संपर्क उपलब्ध हो सके।
पुलिस ने बताया कि दूसरे चरण में दुर्गापूजा के बाद बीट-4 और बीट-5 की शुरुआत मिहिजाम थाना क्षेत्र में की जाएगी। इसका उद्देश्य बढ़ते शहरीकरण के बीच पुलिस की पहुंच को मोहल्ले और नागरिकों के और करीब ले जाना है।
मिहिजाम में भी होगी बीट पुलिसिंग व्यवस्था : उपायुक्त
इधर उपायुक्त ने बताया कि बीट पुलिसिंग शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पुलिस और प्रशासन को आम लोगों के लिए और अधिक जवाबदेह एवं सहज बनाना है। पुलिस और समाज के बीच जितना अधिक संवाद और संपर्क होगा, लोगों का पुलिस एवं प्रशासन के प्रति विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसी उद्देश्य से जामताड़ा में बीट पुलिसिंग की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में मिहिजाम में भी बीट पुलिसिंग व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह पूरी कवायद केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बीट पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार संपर्क में रहकर ऐसे संवेदनशील स्थानों और परिस्थितियों की पहचान करेंगे, जहां भविष्य में किसी घटना या अपराध की आशंका हो सकती है। इससे समय रहते आवश्यक निवारक कदम उठाने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने बीट पुलिसिंग की पहल के लिए पुलिस अधीक्षक की सराहना करते हुए कहा कि जामताड़ा जिलेवासियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। पुलिस और प्रशासन मिलकर इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने आम नागरिकों और मीडिया से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की, ताकि पुलिस-जनता के बीच संवाद को और मजबूत किया जा सके।
जामताड़ा को अपराधमुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा चैंबर : संजय अग्रवाल
चैंबर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बीट पुलिसिंग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जामताड़ा में पुलिस अधीक्षक की यह पहल आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि चैंबर की हमेशा से यही कोशिश रही है कि प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करते हुए जामताड़ा को अपराधमुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई जाए। जामताड़ा शहरी क्षेत्र को तीन बीट में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल सराहनीय है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यवसायियों को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल जामताड़ा के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड में एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है। जामताड़ा जिला चैंबर के छह प्रखंडों में उसकी कमेटियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त को भरोसा दिलाया कि जनकल्याण और सुरक्षा के दृष्टिकोण से जब भी चैंबर की आवश्यकता होगी, चैंबर के सदस्य 24 घंटे प्रशासन और पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। उन्होंने बीट पुलिसिंग की शुरुआत के लिए पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार जताया।