सातवें दिन भी जारी रहा अभाविप का धरना, प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी धरना स्थल पर बैठे

सातवें दिन भी जारी रहा अभाविप का धरना, प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी धरना स्थल पर बैठे

चार दिन की भूख हड़ताल के बाद दो कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती

डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितता, फर्जी हस्ताक्षर व सरकारी बैंक खाते से अवैध निकासी समेत शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं की जांच की मांग को लेकर अभाविप का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देने अभाविप के प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी गिरिडीह पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठ गए।

प्रदेश मंत्री के आंदोलन में शामिल होने के बाद विनोबा भावे विश्वविद्यालय का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी मांगों की जानकारी ली और मामले की शीघ्र जांच व आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रकाश टुटी ने कहा कि संगठन किसी व्यक्ति विशेष को दोषी घोषित करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच चाहता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए कहा कि ठोस पहल नहीं होने पर विश्वविद्यालय का घेराव किया जाएगा और कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद संवाद और समाधान के पक्ष में है, लेकिन विद्यार्थियों के सवालों को अनदेखी नहीं किया जा सकता है। यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से स्थिति स्पष्ट होगी और अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

भूख हड़ताल पर बैठे दो कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती

अभाविप जिला संयोजक नीरज चौधरी एवं सीएफएस संयोजक अनीश रॉय पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद चिकित्सकों की सलाह पर दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू भी धरना में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय से जुड़े सवाल विद्यार्थियों के भविष्य से संबंधित हैं।

पूर्व विधायक समेत कई लोगों ने दिया नैतिक समर्थन

आंदोलन को गिरिडीह के पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी, भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय, अभाविप के पूर्व प्रदेश मंत्री रोशन सिंह, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री संजीव कुमार, भाजपा नेता मुकेश जलान ने आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया है। अभाविप ने कहा कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है। समय सीमा में ठोस पहल नहीं होने पर आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाया जाएगा।

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