गोविंदपुर में महाजाम से निपटने आखिरकार जिला प्रशासन ने उठाया सख्त कदम
एसडीओ के नेतृत्व में जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, एनएचएआई और एलिवेटेड रोड निर्माण कंपनी की संयुक्त टीम जेसीबी के साथ गोविंदपुर पहुंची, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
डीजे न्यूज, गोविंदपुर, धनबाद : गोविंदपुर में जीटी रोड पर बढ़ते अतिक्रमण और लगातार लग रहे महाजाम के बीच जिला प्रशासन आखिरकार सख्त कदम उठाने के लिए सड़क पर उतर आया। मंगलवार शाम अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे के नेतृत्व में जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, एनएचएआई और एलिवेटेड रोड निर्माण कंपनी की संयुक्त टीम जेसीबी के साथ गोविंदपुर पहुंची। टीम ने कौवाबांध से रतनपुर तक जीटी रोड के दोनों किनारों का जायजा लेते हुए एनएचएआई की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन ने सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। माइक से प्रचार कर स्पष्ट चेतावनी दी गयी कि निर्धारित समय में एनएचएआई की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बलपूर्वक जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटायेगा। इस दौरान होने वाला खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से वसूला जायेगा। इसके साथ ही अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी गयी है।
रोज के महाजाम ने बढ़ाया दबाव
गोविंदपुर में पिछले करीब तीन माह से जीटी रोड पर जाम की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। कई बार जाम इतना लंबा खिंच गया कि वाहन घंटों फंसे रहे और कुछ मौकों पर रात तक यातायात प्रभावित रहा। एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण पहले से ही सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में दोनों किनारों पर अतिक्रमण ने उपलब्ध सड़क को और संकीर्ण कर दिया है।
जाम का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को भी रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच दुर्घटनाओं की घटनाओं ने भी चिंता बढ़ायी है।
एसडीएम लोकेश बारंगे ने कहा कि जीटी रोड की जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही है और एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य में भी व्यवधान पैदा हो रहा है। यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सड़क की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना जरूरी है।
रंगडीह मोड़ से रतनपुर तक सख्ती
प्रशासन ने रंगडीह मोड़ से रतनपुर तक सड़क के दोनों किनारों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की चेतावनी दी है। इस दायरे में एनएचएआई की जमीन पर लगायी गयी दुकानों, अस्थायी निर्माण और अन्य कब्जों को हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि सड़क की जमीन किसी निजी उपयोग के लिए नहीं है। अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता है। इसलिए अब अतिक्रमण को हटाने के बाद दोबारा कब्जा होने से रोकने पर भी नजर रखी जायेगी।
माइक से लगातार प्रचार कर लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 24 घंटे के बाद जेसीबी और पुलिस बल के साथ कार्रवाई की जायेगी।
सड़क किनारे दुकानें लगाने के नाम पर वसूली भी निशाने पर
अभियान के दौरान सड़क किनारे दुकानें लगाये जाने और इसके एवज में वसूली किये जाने की शिकायतों पर भी प्रशासन की नजर गयी। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क के किनारे दुकानें लगवाकर वसूली की बात सामने आयी है। प्रशासन ने ऐसे मामलों पर भी रोक लगाने की बात कही है।
ऊंची नालियां भी होंगी समतल
गोविंदपुर में यातायात की समस्या के लिए केवल अतिक्रमण ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे बनी ऊंची-ऊंची नालियां भी प्रशासन के निशाने पर हैं। एसडीएम लोकेश बारंगे ने कहा कि कई स्थानों पर ऊंची नालियों के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गयी है। इसके अलावा ये नालियां दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही हैं। उन्होंने एनएचएआई और एलिवेटेड रोड निर्माण कंपनी के अधिकारियों को ऐसी नालियों को तोड़कर समतल करने का निर्देश दिया। नालियों को समतल करने से सड़क के किनारे अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी और वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी। प्रशासन का मानना है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ने से यातायात का दबाव कुछ कम होगा और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
एलिवेटेड रोड निर्माण शुरू होने के दस माह बाद कार्रवाई
गोविंदपुर में एलिवेटेड रोड निर्माण का काम अक्टूबर 2025 के अंत से शुरू हुआ था। करीब दस माह से निर्माण कार्य जारी है। निर्माण एजेंसी द्वारा काम को गति दी जा रही है, लेकिन सड़क के दोनों किनारों पर मौजूद अतिक्रमण लगातार बड़ी समस्या बना हुआ था।
एलिवेटेड रोड निर्माण के साथ यातायात का दबाव और बढ़ा है। निर्माण क्षेत्र में सड़क की उपलब्ध जगह कम होने तथा किनारों पर अतिक्रमण के कारण वाहन संचालन मुश्किल हुआ। पिछले तीन माह में स्थिति इतनी खराब हुई कि गोविंदपुर में रोजाना महाजाम की स्थिति बनने लगी।
अभियान में ये अधिकारी रहे मौजूद
अभियान में नगर निगम के इंफोर्समेंट अफसर अनिल कुमार, अंचलाधिकारी यशवंत कुमार सिंह, ट्रैफिक डीएसपी रोहित कुमार साव, पुलिस इंस्पेक्टर विष्णु प्रसाद रावत, एनएचएआई के परियोजना निदेशक विशाल कुमार, जीत एशिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर दिनेश भारद्वाज, एलपी सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।