आईओसीएल के मंच पर गूंजी आईआईटी धनबाद की रिसर्च आवाज, डॉ. आरती ने बताई लिथियम रिफाइनिंग की आधुनिक तकनीक

आईओसीएल के मंच पर गूंजी आईआईटी धनबाद की रिसर्च आवाज, डॉ. आरती ने बताई लिथियम रिफाइनिंग की आधुनिक तकनीक

डीजे न्यूज, धनबाद : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की शोध विशेषज्ञता को उद्योग जगत के एक और महत्वपूर्ण मंच पर पहचान मिली है। संस्थान के फ्यूल्स, मिनरल्स एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग (एफएमएमई) विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरती कुमारी ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबिनार में इनवाइटेड स्पीकर के रूप में व्याख्यान दिया।

“लिथियम: रिसोर्सेज, प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजीज एंड फ्यूचर पर्सपेक्टिव्स” विषय पर आयोजित वेबिनार में डॉ. आरती ने “लिथियम रिफाइनिंग एंड इंडस्ट्रियल बेस्ट प्रैक्टिसेज” पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिथियम के संसाधनों, प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग तकनीकों के साथ-साथ औद्योगिक स्तर पर अपनाई जाने वाली बेहतर प्रक्रियाओं और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

वेबिनार में तेजी से विकसित हो रहे एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में लिथियम की बढ़ती उपयोगिता और महत्वपूर्ण खनिज के तौर पर इसकी भूमिका पर भी चर्चा की गई। इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विस्तार के बीच लिथियम की मांग लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

डॉ. आरती कुमारी को हाइड्रोमेटलर्जी, रेयर अर्थ्स एक्सट्रैक्शन और नॉन-फेरस मेटल प्रोसेसिंग में 12 वर्षों से अधिक का शोध अनुभव है। उनके शोध क्षेत्र में नॉन-फेरस मेटल एक्सट्रैक्शन, हाइड्रोमेटलर्जी, वेस्ट प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग, रेयर अर्थ्स एक्सट्रैक्शन, एनडीएफईबी मैग्नेट प्रोसेसिंग तथा मेटल सेपरेशन एवं प्यूरिफिकेशन शामिल हैं।

आईओसीएल के इस प्रतिष्ठित वेबिनार में डॉ. आरती की भागीदारी को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की शोध क्षमता और उद्योग जगत के साथ उसके मजबूत ज्ञान-साझाकरण संबंधों की अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्रिटिकल मिनरल्स, रिसोर्स रिकवरी और टिकाऊ मेटल प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में संस्थान की भूमिका को भी नई मजबूती मिली है।

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