इलाज के दौरान कोलकर्मी की मौत, नियोजन की मांग को ले काम ठप
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद):
बीसीसीएल के बरोरा क्षेत्र के एएमपी कोलियरी में कार्यरत शॉवेल ऑपरेटर अशोक नोनिया की मृत्यु इलाज के दौरान हो गयी। उनके निधन के बाद आश्रित को शीघ्र नियोजन सहित अन्य मांग को लेकर उत्पन्न विवाद और उत्पादन-परिवहन ठप होने की स्थिति मंगलवार को वार्ता के बाद समाप्त हो गई। प्रबंधन, परिजनों और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में समझौता हुआ, जिसके तहत मृतक कर्मी के ज्येष्ठ पुत्र विकास कुमार को शर्तों सहित प्रोविजनल नियोजन प्रदान करने पर सहमति बनी। ज्ञात हो कि अशोक नोनिया की 12 मई को ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें डुमरा क्षेत्रीय अस्पताल, सेंट्रल अस्पताल धनबाद और असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें दुर्गापुर के हेल्थ वर्ल्ड अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ 24 अगस्त की रात उनका निधन हो गया। निधन के बाद परिजनों, यूनियन नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शव को कोलियरी परिसर में रखकर तत्काल नियोजन की मांग की और उत्पादन-परिवहन कार्य पूरी तरह रोक दिया। बढ़ते गतिरोध को देखते हुए बीसीसीएल के एचओडी (आईआर) से दूरभाष पर परामर्श लिया गया। इसके बाद प्रोजेक्ट ऑफिसर के यूनिट कार्यालय में हुई बैठक में पाँच प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी। समझौते के अनुसार, 22 मई 2002 को जन्मे विकास कुमार को अंतरिम नियोजन दिया जाएगा। नियोजन की तिथि से 90 दिनों के भीतर स्थायी नियुक्ति की पुष्टि हेतु आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। मृतक के बकाया देयकों का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा और बेनेवोलेंट फंड की राशि तत्काल जारी होगी। साथ ही विकास कुमार को बाघमारा या कोयलानगर अस्पताल में इनिशियल मेडिकल एग्जामिनेशन कराना होगा। चिकित्सीय रूप से उपयुक्त पाए जाने, पुलिस सत्यापन और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही नियोजन प्रभावी माना जाएगा। इस समझौते पर क्षेत्रीय प्रबंधन, यूनियन प्रतिनिधि संतोष गोराई, गोपाल मिश्र, जे के झा, एन डी पांडे सहित अन्य यूनियन नेताओं और मृतक के परिजनों ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद कोलियरी में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया।