गंदे पानी की आपूर्ति से उपभोक्ताओं में आक्रोश
डीजे न्यूज, धनबाद: झमाडा के जलापूर्ति क्षेत्र संख्या-2 में अनियमित जलापूर्ति की समस्या के बीच अब उपभोक्ताओं को मटमैला और गंदा पानी मिलने से परेशानी बढ़ गई है। डिगवाडीह, जेलगोरा, बरारी, जोड़ापोखर, सुंदरनगर, शिवाजी नगर और भौरा के उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नलों में ऐसा पानी आ रहा है, जिसे पीना तो दूर, नहाने और कपड़े धोने में भी इस्तेमाल करना मुश्किल है।
उपभोक्ताओं के अनुसार नलों से निकलने वाले पानी का रंग मटमैला है तथा उसमें गंदगी भी दिखाई दे रही है। इससे लोगों में जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पहले से ही अनियमित जलापूर्ति के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अब गंदे पानी की आपूर्ति ने समस्या को और गंभीर कर दिया है।
उपभोक्ता मंच के ग्रुप में शिकायत किए जाने के बाद झमाडा के एसडीओ कृपाशंकर ने प्लांट से साफ पानी की आपूर्ति होने की बात कही। हालांकि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मामले की जांच के लिए कनीय अभियंता अनमोल गुप्ता और आलोक कुमार को निर्देश दिया है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि प्लांट से साफ पानी निकलना और घरों तक साफ पानी पहुंचना अलग-अलग विषय हैं। यदि पाइपलाइन या आपूर्ति व्यवस्था के किसी स्तर पर पानी दूषित अथवा मटमैला हो रहा है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय करना झमाडा प्रबंधन का दायित्व है।
स्थानीय लोगों ने झमाडा प्रबंधन से तत्काल पानी की गुणवत्ता की जांच कराने, पाइपलाइन की स्थिति की जांच करने और उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उपभोक्ता मंच के माध्यम से आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा। दूसरी ओर एसडीओ कृपा शंकर ने कहा कि प्लान्ट से साफ पानी की सफ्लाई हो रही है वैसे कनीय अभियंता व अधिकारियों को जांच करने का निर्देश दिया गया है।