निपुण विद्यालय के मूल्यांकन को लेकर 172 शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
डीजे न्यूज, गिरिडीह : “मेरा विद्यालय निपुण एवं मैं भी निपुण 2.0” कार्यक्रम के तहत विद्यालयों के मूल्यांकन एवं विद्यार्थियों के आकलन को लेकर आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हुआ। राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, गिरिडीह के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण में जिले के 172 सक्रिय शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में समझ के साथ पढ़ने तथा बुनियादी गणितीय दक्षता विकसित करने की राष्ट्रीय पहल के प्रभावी मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को तैयार करना था। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की पहचान कर उन्हें पुरस्कृत करने तथा आंकड़ों के आधार पर शैक्षणिक योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रत्येक विद्यालय का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए कुल 13 संकेतकों को आधार बनाया गया है। इनमें प्रिंट समृद्ध वातावरण, शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षण क्षमता, निपुण लक्ष्य निर्धारण, समय निर्धारण, बाल साहित्य का उपयोग, कक्षा संचालन प्रक्रिया, विद्यार्थियों का आकलन, प्रधानाध्यापक की भागीदारी, सामुदायिक सहभागिता तथा विद्यार्थियों के हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी के अधिगम परिणाम प्रमुख हैं।
निर्धारित मूल्यांकन में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को “मेरा विद्यालय निपुण एवं मैं भी निपुण 2.0” की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
मास्टर ट्रेनर संजीव कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण को सफल बनाने में प्रशिक्षक संदीप कुमार पाठक, बैद्यनाथ महतो एवं ब्रजेश कुमार गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रशिक्षण व्यवस्था एवं निगरानी में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रमन कुमार सिंह, एमआरपी विजय कुमार यादव एवं कार्यालय कर्मचारी पंकज कुमार का सहयोग रहा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 172 शिक्षकों ने विद्यालयों के मूल्यांकन कार्य में सक्रिय योगदान देने तथा निपुण भारत की इस राष्ट्रीय पहल को जिले में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।