कतरास की खबरें:-

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अधिकारियों ने आउटसोर्सिंग परियोजना का किया निरीक्षण

डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): कोयला भवन मुख्यालय से महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिक आरआर कर्ण, मुख्य प्रबंधक यशवंत कुमार सिंह सोमवार को बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया-3 के कैलूडीह स्थित जीटीएस डेको आउटसोर्सिंग परियोजना पहुंचे। अधिकारियों ने परियोजना में बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने चिंता जताते हुए आंदोलनकारियों से जल निकासी का कार्य शुरू कराने की अनुमति देने की अपील की, लेकिन बात नहीं बनी। महाप्रबंधक आरआर कर्ण ने कहा कि खदान से जल निकासी का कार्य बाधित रहने के कारण आसपास के गांवों में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। जल निकासी का कार्य शुरू होने से आम लोगों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह खदान में जलस्तर बढ़ता रहा तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा और कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। इधर, न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अरविंद कुमार झा ने आंदोलनकारियों को पत्र लिखकर वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि वार्ता के माध्यम से जल निकासी की समस्या का समाधान निकाला जा सकेगा। बता दें कि बीते दिनों छाताबाद में हुए भू धंसान के बाद ग्रामीणों ने आउटसोर्सिंग का काम ठप कर दिया है। परिणामस्वरूप परियोजना में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है।
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छाताबाद भू -धंसान: राहत और बचाव कार्य तेज
कतरास:
कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद स्थित फुटबॉल ग्राउंड में शुक्रवार को हुए भीषण भू-धसान के बाद सोमवार को गोविंदपुर एरिया की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया। महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिक आरआर कर्ण की देखरेख में गोविंदपुर तथा धनसार माइंस की रेस्क्यू टीम बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। अधिकारियों के अनुसार, भू-धसान में दबे पीड़ितों के सामान और महत्वपूर्ण कागजात को रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा रहा है। अब तक बड़ी संख्या में घरेलू सामान एवं दस्तावेज निकाले जा चुके हैं। रेस्क्यू टीम ने मोहम्मद रियाज एवं मोहम्मद सज्जाद के आवास से कुछ जेवरात और नकदी भी बरामद कर बाहर निकाली है।
इधर, भू-धसान की घटना को लेकर ग्रामीणों का बीसीसीएल के खिलाफ गुस्सा कम नहीं हो रहा है। घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। वहीं, कैलूडीह स्थित जीटीएस डेको जेबी आउटसोर्सिंग परियोजना का काम पूरी तरह ठप है। काम बंद रहने से बीसीसीएल प्रबंधन को प्रतिदिन लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया जा रहा है।
छाताबाद क्षेत्र में अब भी भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा को लेकर कई लोग अपने घर-मकान छोड़कर दूसरी जगह जाने को मजबूर हैं। पलायन कर रहे लोग भू-धसान की स्थिति के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए नाराजगी जता रहे हैं।

गोविंदपुर एरिया-3 के महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद ने बताया कि छाताबाद भू-धसान प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू टीम द्वारा जमीन के नीचे दबे सामानों को निकालने का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। टीम को सामान निकालने में काफी सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि भू-धसान के बाद प्रभावित क्षेत्र में राहत शिविर लगाया गया है, जहां लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संकट की घड़ी में बीसीसीएल परिवार पीड़ित लोगों के साथ खड़ा है।

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