धनबाद में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ निर्णायक जंग का किया ऐलान

धनबाद में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ निर्णायक जंग का किया ऐलान

डीजे न्यूज, धनबाद: विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट ने बच्चों की ट्रैफिकिंग (बाल दुर्व्यापार) के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाने का ऐलान किया है। संस्था ने कहा कि सरकार, जिला प्रशासन एवं आम नागरिकों के सहयोग से धनबाद जिले को बाल तस्करी मुक्त बनाने की दिशा में व्यापक जनजागरूकता, कानूनी कार्रवाई तथा कमजोर एवं वंचित परिवारों के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया जाएगा।

यह घोषणा नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) के चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श “Ensuring Child Rights, Potential and Prosperity” के दौरान की गई। इस अवसर पर देश के 782 जिलों से आए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2030 तक चलने वाले “नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग” की शुरुआत का संकल्प लिया।

झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है और धनबाद जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल विवाह उन्मूलन, बाल श्रम एवं बाल तस्करी की रोकथाम के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे का जीवन बचाना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि बाल तस्करी की शिकार बच्चियों को सुरक्षित बचाकर सम्मानजनक जीवन दिलाने वाले सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता वास्तव में समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के निदेशक शंकर रवानी ने कहा कि बाल तस्करी आज देश के सामने एक गंभीर चुनौती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन कई बच्चे मानव तस्करी और जबरन मजदूरी का शिकार होते हैं तथा प्रत्येक घंटे बड़ी संख्या में बच्चों के लापता होने की घटनाएँ दर्ज होती हैं। मानव तस्करी हथियारों और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध बन चुका है, जिसमें महिलाएँ और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा कि बाल तस्कर अक्सर समाज के बीच रहकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार और बेहतर भविष्य का झूठा सपना दिखाकर बच्चों को अपने जाल में फँसाते हैं तथा उन्हें बंधुआ मजदूरी, भिक्षावृत्ति और यौन शोषण जैसी अमानवीय परिस्थितियों में धकेल देते हैं।

उन्होंने बताया कि झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट धनबाद जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगा, संभावित तस्करों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करेगा तथा कमजोर एवं वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करेगा। साथ ही, ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों के प्रभावी पुनर्वास एवं शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

संस्था ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे को बहला-फुसलाकर ले जाने, बाल श्रम, बाल विवाह या बाल तस्करी की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस को दें, ताकि समय रहते बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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