शिक्षकों को एमएसीपी से वंचित नहीं किया जा सकता : झारोटेफ

शिक्षकों को एमएसीपी से वंचित नहीं किया जा सकता : झारोटेफ

डीजे न्यूज, रांची : झारखंड अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी महासंघ (झारोटेफ) ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी आदेश पर गहरी आपत्ति जताते हुए कहा है कि अव्यवहारिक संकल्पों एवं तकनीकी व्याख्याओं के आधार पर शिक्षकों को एमएसीपी के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।

महासंघ ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि झारखंड के शिक्षक भी राज्य के नियमित सरकारी सेवक हैं और अन्य राज्यकर्मियों की तरह उन्हें भी एमएसीपी का लाभ मिलना उनका न्यायोचित एवं संवैधानिक अधिकार है। विभाग द्वारा केवल पुराने संकल्पों एवं नियमों का हवाला देकर इस अधिकार से शिक्षकों को वंचित करना न केवल न्यायसंगत नहीं है, बल्कि समानता के संवैधानिक सिद्धांत के भी प्रतिकूल है। प्रांतीय अध्यक्ष विक्रांत कुमार सिंह ने कहा कि समय-समय पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय दिए गए हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा शिक्षकों की वास्तविक सेवा परिस्थितियों एवं न्यायालय की भावना की अनदेखी करते हुए उन्हें एमएसीपी के लाभ से वंचित रखने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संगठन का स्पष्ट मत है कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए शिक्षकों को अन्य राज्यकर्मियों के समान MACP का लाभ प्रदान करने हेतु शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यह केवल शिक्षकों का हित नहीं, बल्कि सेवा में समानता एवं न्याय के सिद्धांत की भी रक्षा का विषय है।

प्रांतीय महासचिव उज्जवल कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि संगठन पूर्व से ही एमएसीपी, शिशु शिक्षण भत्ता, 62 वर्ष सेवा विस्तार, परिवहन भत्ता सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग का यह आदेश शिक्षकों की आवाज़ को दबाने का नहीं, बल्कि उनके संघर्ष को और अधिक मजबूत करने का कार्य करेगा। महासंघ ने आगाह किया है कि यदि सरकार इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन अपने पूर्व निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम के तहत “पाने अपना अधिकार, चलो मुख्यमंत्री के द्वार” के आह्वान के साथ राज्य के हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों के साथ माननीय मुख्यमंत्री आवास तक विशाल पदयात्रा एवं कूच करेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

प्रेस विज्ञप्ति मुख्य मीडिया प्रभारी सुमित कुमार नंद ने जारी की है।

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