सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर बने रहने से बढ़ा विवाद, शिक्षकों में रोष
डीजे न्यूज, बलियापुर (धनबाद) : झारखंड सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त क्षेत्र के उच्च विद्यालय बाघमारा में प्रधानाध्यापक की कुर्सी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि प्रधानाध्यापक धनपति महतो 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने के बावजूद अब भी प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर बने हुए हैं।
विद्यालय के वरिष्ठ सहायक शिक्षक गणेश चंद्र गोराई का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बावजूद प्रधानाध्यापक मनमाने ढंग से विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के महत्वपूर्ण कागजात विद्यालय प्रबंध समिति को नहीं सौंपे हैं, बल्कि उन्हें अपने पास ही रखा हुआ है। जबकि नियम के अनुसार सेवानिवृत्ति के साथ ही प्रधानाध्यापक को अपना पदभार अन्य अधिकृत व्यक्ति को सौंप देना चाहिए था।
इस संबंध में 25 मई को बलियापुर की प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रीना कुमारी ने विद्यालय की जांच की थी। जांच के उपरांत उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंप दी है। फिलहाल विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक की कथित मनमानी को लेकर रोष व्यक्त कर रहे हैं। दूसरी ओर विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव धीरेंद्र चंद्र महतो द्वारा प्रधानाध्यापक की सेवानिवृत्ति के बाद उनकी सेवा का विस्तार तीन वर्षों के लिए किए जाने की बात सामने आई है। मालूम हो कि उक्त विद्यालय झारखंड सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय है। ऐसी स्थिति में विद्यालय का कोई भी प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य विद्यालय प्रबंध समिति तथा जिला शिक्षा विभाग के नियमानुसार संचालित किया जाना है।
प्रधानाध्यापक के पद को लेकर उत्पन्न विवाद के कारण विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में भी रोष व्याप्त है।