बलियापुर की खबरें:-
धोखरा पंचायत को धनबाद प्रखंड से हटाने की उठाई आवाज
डीजे न्यूज, बलियापुर(धनबाद): धोखरा पंचायत के ग्रामीणों की बैठक बुधवार को जाहेर थान में हुई। बैठक में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो की विशेष तौर पर उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने धोखरा पंचायत को धनबाद प्रखंड से हटाकर बलियापुर प्रखंड में शामिल कराने की मांग विधायक से की। ग्रामीणों का कहना है कि यह पंचायत धनबाद प्रखंड के अंतर्गत होने के कारण लोगों को प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए करीब 27 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि 8 किलोमीटर दूर बलियापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित है। धनबाद प्रखंड मुख्यालय काफी दूर होने के कारण इस पंचायत के लोग वहां तक नहीं जा पाते हैं। जबकि धोखरा पंचायत बलियापुर अंचल, साक्षरता कार्यालय एवं बलियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। प्रखंड मुख्यालय धनबाद होने के कारण इस पंचायत के लोगों को काफी दिक्कतें होती है। इस पर विधायक ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में धोखरा पंचायत को बलियापुर प्रखंड में शामिल कराने के लिए आवाज भी उठाई है। इस संबंध में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र भी प्रेषित किया है। इसके लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। बैठक में इस पंचायत के अन्य कई समस्याओं पर भी चर्चा किया गया। मौके पर सत्येंद्र महतो, मदन महतो, भूपति महतो, शिवप्रसाद महतो, जुड़न माझी, विशु सोरेन, अनिल महतो, आमोद बाउरी आदि थे।
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फाइलेरिया मरीजों के लिए विशष जांच शिविर का आयोजन
बलियापुर: मुकुंदा पंचायत भवन में बुधवार को फाइलेरिया मरीजों के लिए विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल इक्कतीस मरीजों की जांच की गई । शिविर में चिकित्सकों द्वारा मरीजों को एमएमडीटी कीट का उपयोग एवं प्रतिदिन पैर की सफाई के बारे में बताया गया। चिकित्सकों ने मुल्यांकन कर वैसे मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया पूरी की, ताकि उन्हें सरकार की ओर से पेंशन राशन एवं स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिल सके। शिविर में डॉक्टर प्रभात कुमार सिंह, डॉक्टर कृष्ण गुप्ता के अलावा रमेश सिंह, अमरचंद मंडल, बच्चन हांड़ी, सीमांत महतो, रीता देवी, सविता देवी, जरू देवी, निरमा देवी, ललिता देवी आदि थे।
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अशर्फी अस्पताल ने लगाया स्वास्थ्य जांच शिविर
बलियापुर: घड़बड़ पंचायत भवन में बुधवार को असर्फी अस्पताल धनबाद के सौजन्य से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मौजूद डॉक्टर जाफर रसीद एवं उनकी टीम द्वारा पचास से अधिक लोगों का स्वास्थ्य जांच किया गया एवं आवश्यक सलाह दी गई। टीम ने कई लोगों को अस्पताल की ओर से कार्ड उपलब्ध करवाया गया। इस कार्ड से अस्पताल में विशेष छूट दिया जाएगा। शिविर में मुखिया मिठु सरखेल, पूर्व मुखिया दिनेश सरखेल, लखन गोराई, रविंद्र हांसदा, काशीनाथ गोराई, बलदेव मालाकार, धनंजय गोराई, मुकेश बाउरी आदि थे।
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बांग्ला भाषा-भाषी को दें सम्मान
बलियापुर: सिंदूरपुर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में बुधवार को झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति की बैठक बेंगु ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। मुख्य अतिथि रेखा मंडल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में बांग्ला भाषा के लोगों की अधिकता होने के बावजूद झारखंड में सरकार द्वारा बांग्ला भाषी लोगों को नजरअंदाज किया जाता है। जबकि झारखंड के बांग्ला भाषा-भाषी के लोग देश की स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिए थे। उन्होंने कहा कि बांग्ला भाषा के लोगों को यदि सम्मान नहीं दिया गया तो समिति के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में मौसमी मुखर्जी, सुमित्रा मुखर्जी, भारतीय मुखर्जी, झूमा मुखर्जी, बरनाली मुखर्जी, मौमिता, गोविंद ठाकुर आदि थे।
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खराब पड़े चापाकल मरम्मत की मांग
बलियापुर: मोको बर्म्हेत्तर स्थित बाउरी टोला का सार्वजनिक चापाकल तीन सप्ताह से भी अधिक दिनों से खराब है। इससे लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी सूचना पंचायत एवं प्रखंड कार्यालय को दिए जाने के बावजूद आज तक खराब चापाकल की मरम्मती नहीं की गई । लोगों को काफी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत एवं प्रखंड के पदाधिकारियों से अविलंब खराब चापाकल की मरम्मती की मांग की है।
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ठनका गिरने से चार मवेशियों की मौत
बलियापुर: सुवरिया गांव में बुधवार की शाम ठनका गिरने से घर के बाहर खूंटे में बंधा चार मवेशी की मौत हो गई । जानकारी के अनुसार सुवरिया निवासी बहादुर गोप ने मवेशियों को अपने खलिहान में खुंटे में बांध रखा था। शाम करीब 4:00 बजे जोरदार बारिश के दौरान ठनका गिरा और चारों मवेशी की मौत वहीं हो गई । मवेशियों में एक जोड़ा बैल, एक दुधारू गाय एवं एक बछड़ा है। इस घटना से किसान बहादुर गोप को भारी नुकसान हुआ है। खेती के इस मौसम में मवेशियों के मर जाने से उन्हें खेती कार्य करने की चिंता सता रही है। ठनका से मारे मवेशियों की कीमत दो लाख से भी अधिक बताई जाती है। पीड़ित किसान ने जिला प्रशासन से आवश्यक सहायता की मांग की है।