डीसी व एसडीओ से मिला राकोमयू का प्रतिनिधिमंडल
एफसीआईएल सिंदरी की समस्याओं के निदान को सौंपा ज्ञापन
डीजे न्यूज, धनबाद: कांग्रेस नेत्री सह राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन की कार्यकारी अध्यक्ष अनुपमा सिंह के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को उपायुक्त आदित्य रंजन एवं अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने एफसीआईएल सिंदरी आवासीय कॉलोनी में वर्षों से रह रहे हजारों परिवारों के अधिकारों की रक्षा तथा डोमगढ़ क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याओं के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि एफसीआईएल सिंदरी की आवासीय कॉलोनियों में पूर्व कर्मचारी, उनके आश्रित, सेवानिवृत्त कर्मी, छोटे व्यवसायी एवं आम नागरिक पिछले 65 से 70 वर्षों से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों ने सिंदरी के सामाजिक, आर्थिक एवं औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था एवं उचित सुनवाई के बेदखल करना न केवल अमानवीय होगा, बल्कि हजारों लोगों को आवास, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा के गंभीर संकट में धकेल देगा।
सिंदरी के क्वार्टरों से संबंधित विवाद को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त एवं एसडीओ को मामले की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि वर्ष 2003 में न्यायालय द्वारा बीआईएफआर (BIFR) के तहत सिंदरी के क्वार्टरों की बिक्री को लेकर आदेश पारित किया गया था। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेशों की गलत व्याख्या करते हुए एफसीआईएल की परिसंपत्तियों तथा “नॉट फॉर सेल” श्रेणी की संपत्तियों तक की बिक्री कर दी गई। वर्तमान में कुछ लोग अपने निजी एवं पारिवारिक हितों की रक्षा के उद्देश्य से मनोहरटांड़ एवं एमएल-2 क्षेत्र के क्वार्टरों को खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे वर्षों से रह रहे हजारों परिवारों के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
उपायुक्त एवं अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा आश्वस्त किया कि सिंदरी के क्वार्टरों से जुड़े मामले में सभी तथ्यों एवं कानूनी पहलुओं की जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी तथा आम लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने डोमगढ़ क्षेत्र की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में बताया गया कि एफसीआईएल का विशाल ओबी (ओवरबर्डन) क्षेत्र खाली रहने के बावजूद रिहायशी इलाकों, मुख्य मार्गों एवं डोमगढ़ कॉलोनी के मुख्य ड्रेन पर ओबी डंप किया जा रहा है। इसके कारण जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, प्रदूषण बढ़ रहा है तथा दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि एफसीआईएल द्वारा सिंदरी एवं डोमगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। जहां कुछ क्षेत्रों में लोगों को आवास एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं डोमगढ़ क्षेत्र के हजारों परिवार आज भी लीज़ एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह स्थिति स्थानीय निवासियों के साथ अन्याय को दर्शाती है।
एफसीआईएल आवासीय कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की बेदखली कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी हितधारकों के साथ बैठक आयोजित करने, डोमगढ़ कॉलोनी के मुख्य ड्रेन एवं रिहायशी क्षेत्रों से ओबी हटाने तथा डोमगढ़ के निवासियों को समान अधिकार एवं लीज़ की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में झारखंड बचाओ संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष कौशल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक शर्मा, जिला कांग्रेस प्रवक्ता बंमभोली सिंह, सिंदरी नगर अध्यक्ष राज बिहारी यादव, प्रतिनिधि सतपाल सिंह ब्रोका, सोनू सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।