सांसद ढुलू के करीबी धनेश्वर महतो शो-कॉज के 24 घंटे अंदर किए गए पदमुक्त
अभद्र व्यवहार एवं संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाया गया
धनबाद भाजपा में घमासान
डीजे न्यूज, धनबाद : प्रदेश भाजपा के निर्देश पर धनबाद महानगर संगठन ने अनुशासनहीनता एवं संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी के महानगर उपाध्यक्ष एवं सांसद ढुलू महतो के करीबी धनेश्वर महतो को शो-कॉज जारी करने के महज 24 घंटे के अंदर उनके पद एवं सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। इस संबंध में जिला अध्यक्ष श्रवण राय की ओर से पत्र जारी किया गया है। धनेश्वर महतो को सोमवार को शो-कॉज किया गया था और इसके ठीक दूसरे दिन मंगलवार को उन्हें महानगर उपाध्यक्ष समेत सभी पदों से मुक्त कर दिया गया। सांसद के करीबी पर हुई इस कार्रवाई से भाजपा में बवाल मचना तय माना जा रहा है। इधर धनेश्वर महतो को पदमुक्त करने के दिन मंगलवार को श्रवण राय सांसद ढुलू महतो के साथ एवं मानस प्रसून विधायक राज सिन्हा के साथ कार्यक्रमों में व्यस्त देखे गए।
भाजपा धनबाद महानगर के जिला अध्यक्ष श्रवण राय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि धनेश्वर महतो से पूर्व में स्पष्टीकरण मांगा गया था। उनके द्वारा पत्रांक 11/26 के संदर्भ में जवाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन संगठन ने उस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक और अस्पष्ट माना। पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण वर्ग जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम में उनका व्यवहार और गतिविधियां पार्टी अनुशासन के अनुरूप नहीं पाई गईं।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि धनेश्वर महतो ने अपने जवाब में तथ्यों को स्पष्ट रूप से स्वीकार करने के बजाय उन्हें टालने का प्रयास किया, जिससे संगठन संतुष्ट नहीं हुआ। साथ ही उन पर अभद्र व्यवहार एवं संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कहा गया है कि उनका आचरण पार्टी की गरिमा एवं छवि को नुकसान पहुंचाने वाला तथा संगठन के सिद्धांतों के विरुद्ध पाया गया।
इसी को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने निर्णय लेते हुए धनेश्वर महतो को तत्काल प्रभाव से भाजपा धनबाद महानगर के जिला उपाध्यक्ष पद एवं सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया है। इस निर्णय की सूचना प्रदेश अध्यक्ष भाजपा झारखंड, प्रदेश महामंत्री संगठन तथा झारखंड सरकार में प्रतिपक्ष के नेता को भी भेजी गई है।
पहली बार धनबाद के सांसद ढुलू महतो के किसी करीबी पर पार्टी ने गाज गिराई है। स्वाभाविक है कि यह मामला तूल पकड़ेगा। इसे सांसद ढुलू महतो की प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि प्रशिक्षण शिविर में धनेश्वर महतो मोबाइल लेकर जाना चाहते थे जिसका महामंत्री मानस प्रसून ने विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। बाद में सांसद ढुलू महतो के हस्तक्षेप से विवाद थमा था और धनेश्वर महतो शिविर में शामिल हुए थे।
इधर, जैसे ही प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ दूसरे दिन ही धनेश्वर महतो को महानगर अध्यक्ष श्रवण राय ने शो-कॉज थमा दिया। स्पष्ट है कि मामला प्रदेश नेतृत्व के समक्ष पहुंचाया गया था। तभी श्रवण राय ने शो-कॉज किया होगा। पिछले कुछ दिनों में राजनीतिक रिश्तों में बदलाव देखा गया था। श्रवण राय अचानक सांसद खेमे में दिखने लगे थे। झरिया में सांसद के सम्मान समारोह में बिना विधायक रागिनी सिंह का नाम लिए श्रवण राय ने तीखा हमला बोला था। इसके बाद रागिनी समर्थक जगह-जगह श्रवण राय का पुतला जला रहे थे। फिर अचानक श्रवण राय द्वारा सांसद के करीबी धनेश्वर महतो को शो-कॉज करने की बात भाजपा कार्यकर्ताओं को हजम नहीं हो रही है। इस कार्रवाई से साफ है कि भाजपा का बवाल और बढ़ना तय है। कारण, धनेश्वर महतो जहां सांसद के करीबी हैं वहीं मानस प्रसून का सिंह मेंशन और धनबाद के विधायक राज सिन्हा से अच्छे संबंध हैं।
ऐसे में यह लड़ाई सिर्फ दो महानगर स्तर के नेताओं की नहीं रहेगी। इसका दायरा और बढ़ जाएगा। सांसद ढुलू महतो और विधायक रागिनी सिंह तथा विधायक राज सिन्हा के बीच राजनीतिक कड़वाहट हैं। दोनों ओर से सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर पहले से चल रहा है। ऐसे में यह लड़ाई और तेज होगी। बहरहाल, प्रदेश नेतृत्व से धनेश्वर महतो पर कार्रवाई के लिए ग्रीन सिग्नल मिलना भी कोई सामान्य बात नहीं है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सांसद ढुलू महतो का प्रदेश नेतृत्व पर दबदबा कमजोर हुआ है। वहीं ढुलू अपने समर्थकों के मान-सम्मान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं।