हाथियों के उत्पात के 48 घंटे बाद भी वन विभाग ने पीड़ितों की नहीं ली सुध
जान जोखिम में डालकर हाथियों को खदेड़ने वाले स्थानीय मशालचियों को नहीं मिलता मानदेय
पीड़ितों से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, मुआवजे की मांग
डीजे न्यूज, टुंडी(धनबाद) : बीते शनिवार रात को जंगली हाथियों के झुंड ने पश्चिमी टुंडी में प्रवेश कर कई गांव में उत्पात मचाकर तोडफोड़ करते हुए टुंडी पहाड की ओर चले गए थे। हाथियो नें फतेहपुर पंचायत के रांगामटिया प्राथमिक विद्यालय की चारदीवारी तोड़कर नुकसान पहुंचाया था। फिर जाताखुंटी पंचायत के दल्लुगोडा गांव में रामलाल मुर्मू के मकान को तोड़कर बोरा मे रखे अनाज खा गए थे तथा धान बीटा को तोड़ दिया था। वहीं एक दिन पुर्व कोल्हर पंचायत के मंझिलाडीह निवासी अनिल मिश्रा के दिवाल को भी झुंड से बिछड़े हाथी ने तोडफोड़ कर नुकसान किया था।
सोमवार को भाजपा टुंडी प्रखंड अध्यक्ष गोविन्द टुडू व उपाध्यक्ष चन्द्र मोहन राय न्य सहयोगियों के साथ दलुगोड़ा गांव स्थित रामलाल मुर्मू के घर पहुंच कर वस्तु स्थिति से अवगत हुए। पीड़ित परिवार ने बातचीत में बताया कि घटना हुए दो दिन गुजर गए लेकिन वन विभाग से कोई भी अधिकारी देखने के लिए नहीं पहुचे और ना ही कोई जनप्रतिनिधि या उनके प्रतिनिधि ही पहुंचे। ग्राम पंचायत के मुखिया आए थे।
भाजपा नेताओं ने गांव की वनाधिकार समिति से भी बातचीत की। ग्रामिणों का कहना है कि गांव के बगल में एकलव्य विधालय है जहां उंची उँची लाइट लगा हुआ है। इस कारण हाथी गांव की ओर प्रवेश कर जाता है। यदि गांव में भी बड़े बड़े लाइट लगा दिए जाएं तो जंगली हाथियों के प्रवेश से बचा जा सकता है। गांव में मशालची टीम भी है।
मशालची टीम का दर्द झलका
मशालचियों ने बताया कि हम सभी अपनी जान की परवाह किए बिना पूरी इमानदारी से लोगों को सुरक्षित करने के लिए हाथियों को भगाने में सहयोग करते हैं, लेकिन इसके बदले में वन विभाग या सरकार के तरफ से किसी प्रकार का मेहनताना या मानदेय प्राप्त नहीं दिया जाता है जबकि सरकार की ओर से मानदेय की प्रावधान है।