शिक्षक को शोधपरक और संवेदनशील बनाती है क्रियात्मक अनुसंधान पद्धति : डॉ. लक्ष्मी सरकार
छात्रों के सर्वांगीण विकास में अध्ययन आधारित शिक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण : डॉ. शालिनी खोवाला
स्कॉलर बीएड कॉलेज में व्याख्यान श्रृंखला का दूसरा दिन : क्रियात्मक अनुसंधान एवं प्रकरण अध्ययन
डीजे न्यूज, गिरिडीह : आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में स्कॉलर बीएड कॉलेज, बनहट्टी में आयोजित पांच दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का दूसरा दिन बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय “क्रियात्मक अनुसंधान एवं प्रकरण अध्ययन” रहा। मुख्य वक्ता के रूप में रमेश प्रसाद यादव शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कोडरमा की प्राचार्या डॉ. लक्ष्मी सरकार ने प्रशिक्षुओं एवं शिक्षकों को विषय की गहन जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न एवं शॉल देकर सम्मान किया। अपने संबोधन में डॉ. खोवाला ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बी.एड. के विद्यार्थियों के लिए क्रियात्मक अनुसंधान एवं प्रकरण अध्ययन अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि इससे वे केवल विषय पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि संवेदनशील, जागरूक एवं शोधपरक शिक्षक बनते हैं।
डॉ. शालिनी खोवाला ने कहा कि एक सफल शिक्षक वही होता है जो पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर प्रत्येक विद्यार्थी की आवश्यकता और परिस्थिति को समझते हुए शिक्षण कार्य करे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
मुख्य वक्ता डॉ. लक्ष्मी सरकार ने अपने व्याख्यान में कहा कि क्रियात्मक अनुसंधान एक ऐसी व्यावहारिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शिक्षक अपनी शिक्षण पद्धति में सुधार कर सकते हैं तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। वहीं प्रकरण अध्ययन किसी विशेष घटना अथवा विषय का गहन अध्ययन है, जो उसके विश्लेषण और समझ को व्यापक बनाता है।
उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया में इन दोनों पद्धतियों की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान डॉ. हरदीप कौर ने भी विषय से संबंधित अपने विचार रखे। अंत में डॉ. लक्ष्मी सरकार ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा ने प्रभावशाली ढंग से किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।