बंद माइका खदानों को फिर से चालू करने की मांग, पीएम मोदी से लगाई गुहार
डीजे न्यूज,गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह और कोडरमा जिले के सीमावर्ती इलाकों में स्थित माइका उद्योग को दोबारा शुरू करने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्र के लोगों ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर बंद पड़ी माइका खदानों को पुनः चालू कराने की अपील की है।
लोगों ने कहा कि गिरिडीह और कोडरमा क्षेत्र विश्व की सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली माइका के लिए प्रसिद्ध रहा है। वर्ष 1980 में वन संरक्षण अधिनियम लागू होने से पहले यहां 100 से अधिक माइका खदानें संचालित होती थीं। उस समय इस उद्योग से प्रतिवर्ष लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता था तथा करीब दो लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ था।
वन संरक्षण अधिनियम 1980 लागू होने के बाद अधिकांश माइका खदानें बंद हो गईं, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर गहरा असर पड़ा। लोगों ने राज्य सरकार पर इस मामले में उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि देशहित, रोजगार और निर्यात को ध्यान में रखते हुए माइका खदानों को दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस योजना बनाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करे तो वर्तमान समय में माइका का वार्षिक निर्यात एक लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है।
लोगों ने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार तथा वित्त मंत्रालय भारत सरकार से भी आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।