कार्यों में धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने व्यक्त की नाराजगी हटाए जाएंगे उप परियोजना प्रबंधक

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कार्यों में धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने व्यक्त की नाराजगी

हटाए जाएंगे उप परियोजना प्रबंधक

डीजे न्यूज, धनबाद: नगर आयुक्त आशीष गंगवार की अध्यक्षता में सोमवार को उनके सभाकक्ष में धनबाद शहरी जलापूर्ति योजनाओं की परिचालित एवं क्रियान्वित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जुडको लिमिटेड, SEPC लिमिटेड, L&T लिमिटेड, DWSD एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में धनबाद शहरी जलापूर्ति योजना (DUWSS) फेज–1 एवं फेज–2 के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। फेज–1 के कार्यों में धीमी प्रगति एवं शिथिलता पर नगर आयुक्त द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा संबंधित उप परियोजना प्रबंधक को हटाने हेतु सक्षम प्राधिकार को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। कतरास क्षेत्र के वार्ड संख्या–07 में लंबित कार्यों को 28 मई  तक पूर्ण करने का आश्वासन एजेंसी द्वारा दिया गया।

तेतुलमारी क्षेत्र में जलापूर्ति की अपर्याप्तता, अवैध जल संयोजनों की समस्या एवं रेलवे एनओसी से संबंधित लंबित मामलों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। नगर आयुक्त ने संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

फेज–2 की समीक्षा के दौरान सिंदरी क्षेत्र में कार्य निष्पादन में उत्पन्न विधि-व्यवस्था संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रशासन एवं पुलिस सहयोग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया, ताकि कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके। साथ ही लगभग 33 हजार पुराने गैर-मीटरयुक्त जल संयोजनों को चरणबद्ध तरीके से मीटरयुक्त संयोजनों में परिवर्तित करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।

बैठक में नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जल संकट की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पांडरपाला, गद्दी मोहल्ला, धैया, सुगियाडीह, कुसुम विहार, कृष्णा नगर, बिनोद नगर, महावीर नगर एवं चासनाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए ESR निर्माण, पाइपलाइन सुधार एवं अन्य आवश्यक हस्तक्षेपों हेतु संबंधित अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र में अवैध जल संयोजनों एवं जलापूर्ति में अवैध मोटर/यांत्रिक उपकरणों के उपयोग के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाएगा तथा उल्लंघनकर्ताओं पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी उपभोक्ताओं के लिए मीटरयुक्त जल संयोजन अनिवार्य बताते हुए शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर निगम द्वारा विशेष होल्डिंग-सह-जल संयोजन शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा विभिन्न क्षेत्रों से रैंडम जल नमूनों की जांच कराई जाएगी, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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