उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने देवघर के शहीदों की शौर्यगाथा पर आधारित “वतनपरस्त” पुस्तक के लेखक को किया सम्मानित
डीजे न्यूज, देवघर : “झारखंड शोध संस्थान” के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरणविद् एवं डाक टिकट संग्रहकर्ता रजत मुखर्जी के नेतृत्व में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस अवसर पर संस्थान के सचिव एवं स्थानीय इतिहासकार उमेश कुमार ने पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड सरकार के सहयोग से प्रकाशित पुस्तक “वतनपरस्त (भाग-1: वैद्यनाथ की शहीद विभूति)” की प्रथम प्रति उपायुक्त को भेंट की।
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने पुस्तक में देवघर के ऐतिहासिक शोध और शहीदों की गाथाओं के विस्तृत संकलन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पुस्तकें नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
इस पुस्तक में 1857 के सिपाही विद्रोह से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक देवघर के वीर सपूतों—सलामत अली, अमानत अली, शेख हारून, प्रफुल्ल चक्रवर्ती, अशर्फीलाल कसेरा, त्रिगुणानंद खवाड़े, विराजी मिरधाइन, नज्जू राउत और अयोध्या राउत—के शौर्य को विस्तार से शामिल किया गया है। साथ ही उनके जीवन के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी उजागर किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान 1857 की क्रांति से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्य के संरक्षण और देवघर में “इतिहासघर” (संग्रहालय) की स्थापना के लिए सरकारी भवन आवंटन का अनुरोध भी किया। इस पहल को क्षेत्रीय इतिहास और धरोहर संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।