डीएवी +2 विद्यालय का विवाद गहराया
प्रबंध समिति ने प्रभारी प्राचार्य को किया निलंबित
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): डीएवी +2 विद्यालय का विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को विद्यालय प्रबंधन समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रभारी प्राचार्य अरविंद कुमार झा को निलंबित करने की घोषणा की। साथ ही शिक्षक संतोष कुमार को नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विद्यालय के सचिव मनोज खेमका ने बताया कि जनवरी 2026 से शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन समिति जल्द ही दो माह का वेतन जारी करने जा रही है, जिससे शिक्षकों की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हो सके।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व प्रधान डॉ. मृणाल द्वारा हाई कोर्ट में मामला दायर किए जाने के बाद बैंक ने विद्यालय के खाते से निकासी पर रोक लगा दी, जिसके कारण वेतन भुगतान बाधित हुआ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्य समाज से जुड़े कई सदस्य उपस्थित रहे।
पुलिस पहुंची विद्यालय, दोनों पक्षों से की बातचीत
शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब प्रबंधन समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दूसरे पक्ष के लोग विद्यालय पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख प्रबंधन समिति ने कतरास पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। दूसरे पक्ष के लोगों को बातचीत के लिए थाना बुलाया गया। कतरास थानेदार प्रवीण कुमार ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत कर मामले की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दी जाएगी। मामले की समीक्षा की जा रही है और जिला शिक्षा पदाधिकारी से जानकारी लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
निलंबन का अधिकार नहीं: निलंबित प्राचार्य
निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी प्राचार्य अरविंद कुमार झा ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति का मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए समिति को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव अपने पद की गरिमा भूल गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है और उनका प्रतिनिधित्व जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किया गया है।
आर्य समाज की संयुक्त टीम ने रखा वेतन भुगतान का प्रस्ताव
विद्यालय परिसर में आर्य समाज और प्रबंधन समिति की संयुक्त टीम ने शिक्षकों से मुलाकात की। चार महीनों से वेतन न मिलने के कारण टीम ने शिक्षकों को सहयोग के रूप में नकद भुगतान का प्रस्ताव रखा। इस दौरान कई सदस्य मौजूद रहे और शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा की गई।