झारखंड आंदोलन के नायक एके सहाय पंचतत्व में विलीन पूर्व सांसद पीएन सिंह, विधायक मथुरा महतो, विधायक राज सिन्हा, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता समर श्रीवास्तव समेत हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि, शव यात्रा में हुए शामिल शिबू सोरेन एवं बिनोद बाबू के थे मित्र, झारखंड आंदोलन में दिशोम गुरू को कई बार पुलिस घेराबंदी से सुरक्षित निकाल ले गए थे

Advertisements

झारखंड आंदोलन के नायक एके सहाय पंचतत्व में विलीन

पूर्व सांसद पीएन सिंह, विधायक मथुरा महतो, विधायक राज सिन्हा, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता समर श्रीवास्तव समेत हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि, शव यात्रा में हुए शामिल

शिबू सोरेन एवं बिनोद बाबू के थे मित्र, झारखंड आंदोलन में दिशोम गुरू को कई बार पुलिस घेराबंदी से सुरक्षित निकाल ले गए थे
डीजे न्यूज, धनबाद : झारखंड आंदोलन के नायक एवं झामुमो के पूर्व महासचिव व दी झाकोमयू के जोनल अध्यक्ष अवध किशोर सहाय जो एके सहाय के नाम से पूरे झारखंड में प्रसिद्ध थे रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए।
पूर्व सांसद पीएन सिंह, विधायक मथुरा प्रसाद महतो, विधायक राज सिन्हा, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता समर श्रीवास्तव, जनता मजदूर संघ के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम, राजीव शर्मज्ञ, समेत हजारों लोगों ने उनके आवास, शव यात्रा और अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी। मुनीडीह स्थित कपाल घाट पर उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र
जो धनबाद के सरकारी अधिवक्ता एवं धनबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं ने मुखागनि दी।
विदित हो कि शनिवार की देर रात असर्फी अस्पताल धनबाद में उनका निधन हो गया। कुछ दिन पूर्व ही तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उनके चीरागोड़ा स्थित आवास से असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे करीब 85 साल के थे। एके सहाय झामुमो के संस्थापक अध्यक्ष विनोद बिहारी महतो एवं दिशोम गुरू शिबू सोरेन के मित्र थे। झारखंड आंदोलन के दौरान शिबू सोरेन को पुलिस से बचाने में उन्होंने कई बार बड़ी भूमिका निभाई थी। एके सहाय के छोटे पुत्र अमितेश सहाय झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड एवं ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।
एके सहाय के निधन की सूचना मिलते ही देर रात से ही असर्फी अस्पताल एवं उनके चिरागोड़ा स्थित आवास पर लोगों को जुटान शुरू हो गया था। धनबाद जिले के कोने-कोने से लोग अंतिम दर्शन को उमड़ रहे थे। रविवार सुबह करीब
11 बजे चिरागोड़ा स्थित उनके आवास से शवयात्रा निकली। शवयात्रा वहां से उनके पैतृक आवास लालपुर फुटहा पहुंची। वहां से मुनीडीह कपाल घाट ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top