



महावीर जयंती पर दिखा ‘इरफान जैन’ का अंदाज
करुणा, प्रेम और भाईचारे का संगम महावीर जयंती पर मंत्री ने जीता दिल
डीजे न्यूज, जामताड़ा : महावीर जयंती के पावन अवसर पर मिहिजाम में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने मिहिजाम स्थित जैन मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की और भगवान महावीर के आदर्शों को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन करुणा, प्रेम, अहिंसा और आत्मसंयम का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, क्योंकि सच्चा सुख बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और संयमित जीवन में निहित होता है।
महावीर जयंती के अवसर पर उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व हमें मानवता, सहिष्णुता और भाईचारे का संदेश देता है, जो आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक है।
डॉ. अंसारी ने जैन समाज के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा कि जैन समाज उनके दिल में बसता है और उनके हर बुलावे पर वे हर परिस्थिति में उपस्थित रहने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि वे समाज के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं, और यही कारण है कि जैन समाज उन्हें अपना मानता है—जो उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।

उन्होंने विशेष रूप से समाज की माताओं और बहनों द्वारा दिए गए सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उन्हें एक भाई और बेटे के रूप में अपनाती हैं, जो उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक अनुभव है।
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज को जाति-पाति के आधार पर बांटने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सोच और कार्यशैली हमेशा “सबका साथ, सबका सम्मान” की भावना पर आधारित रही है। सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने के उनके प्रयासों के कारण लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “इरफान जैन” कहकर भी संबोधित करते हैं, जिसे वे अपने लिए बड़े सम्मान के रूप में देखते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुक्ता मंडल,अनिल जैन, अशोक जैन, आनंद जैन,मुन्ना जैन,विपिन जैन, प्रदीप जैन, प्रवीण गोधा , विकाश जैन, परवेज रहमान, कुदुस अंसारी, दानिश रहमान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जैन समाज के गणमान्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।


