केवाईसी के नाम पर वसूली और गैस कालाबाजारी का आरोप, पीरटांड़ एजेंसी पर हंगामा

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केवाईसी के नाम पर वसूली और गैस कालाबाजारी का आरोप, पीरटांड़ एजेंसी पर हंगामा

डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : प्रखंड के चिरकी स्थित प्रतिमा गैस एजेंसी में रविवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब ग्रामीणों और कार्डधारकों ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

बताया जाता है कि मामला तब बढ़ा जब गैस से लदे ट्रक को एजेंसी परिसर तक नहीं लाकर कहीं दूर खड़ा कर दिया गया। एजेंसी के बाहर गैस लेने वालों की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी दौरान कर्मियों द्वारा केवाईसी के नाम पर पैसे मांगे जाने से लोगों का गुस्सा भड़क उठा।

ग्रामीणों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडरों की खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग की जा रही है। साथ ही केवाईसी अपडेट करने के नाम पर प्रति उपभोक्ता ₹200 की अवैध वसूली की जा रही है। लोगों का कहना है कि गैस से लदा ट्रक सिद्धू-कानू मैदान के पास रोक दिया जाता है और वहीं से सिलेंडरों की बिक्री की जाती है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब कई उपभोक्ताओं का केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, तब उनके मोबाइल पर स्वतः गैस बुकिंग के संदेश कैसे आ रहे हैं। इससे एजेंसी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है।

सूचना मिलने पर अंचल अधिकारी ऋषिकेश मरांडी और थाना प्रभारी दीपेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अंचल अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित विभाग को दे दी गई है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। फिलहाल गैस से लदे ट्रक को ब्लॉक परिसर में सुरक्षित रखा गया है, जहां से सिलेंडरों को गोदाम भेजा जा रहा है।

इधर, एजेंसी संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि गैस गोदाम तक जाने वाला रास्ता खराब होने के कारण ट्रक सीधे वहां नहीं पहुंच पाता है। इसलिए ट्रक को सिद्धू-कानू मैदान के पास रोककर छोटे वाहनों के जरिए सिलेंडर गोदाम तक पहुंचाए जाते हैं।

वहीं, ग्रामीण नितेश कुमार, बबलू कुमार, चंदन कुमार समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक लंबे समय से मनमानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि डीएसी नंबर, जो एक गोपनीय संपर्क नंबर होता है, उसे एजेंसी कर्मी फोन कर उपभोक्ताओं से मांग लेते हैं। उपभोक्ता सब्सिडी के लालच में यह नंबर साझा कर देते हैं, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिलता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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