



जन संवाद केंद्र ठप, जनता की आवाज हुई कमजोर
शिकायतों का नहीं मिल रहा मंच, मुख्यमंत्री तक पहुंच बाधित
डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड में वर्षों से बंद पड़े “मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र” को पुनः शुरू करने की मांग तेज हो गई है। शहर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर इस व्यवस्था को फिर से चालू करने का आग्रह किया है।

अपने पत्र में खंडेलवाल ने बताया कि पहले यह केंद्र आम जनता और सरकार के बीच एक प्रभावी कड़ी के रूप में कार्य करता था। खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों के लिए यह एक सशक्त मंच था, जहां उनकी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान होता था।
उन्होंने कहा कि इस केंद्र के बंद हो जाने से आम नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए भटकना पड़ रहा है। अब लोगों का सीधा संवाद मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे प्रशासन के प्रति असंतोष और निराशा बढ़ रही है।
खंडेलवाल ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि “मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र” केवल शिकायत निवारण का माध्यम ही नहीं था, बल्कि यह शासन और जनता के बीच विश्वास और जवाबदेही को मजबूत करने का भी काम करता था। इसके बंद होने से यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि जनहित और सुशासन को मजबूत करने के लिए इस केंद्र को जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए, ताकि आम लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक सुलभ और प्रभावी मंच मिल सके।
पत्र को आगे की कार्रवाई के लिए झारखंड सरकार के कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद आसिफ हसन को भी अग्रसारित किया गया है।
खंडेलवाल ने उम्मीद जताई है कि इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री जल्द ही सकारात्मक पहल करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।


