



हार्ड कोक इकाइयों को कोकिंग कोयला आपूर्ति बहाल करने की मांग, बीसीसीएल को सौंपा ज्ञापन
कोयला आपूर्ति बंद होने से बंद होने की कगार पर हार्ड कोक उद्योग : राजीव शर्मा
डीजे न्यूज, धनबाद : भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा आयोजित उपभोक्ता बैठक में धनबाद की स्थानीय हार्ड कोक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने वाशरी ग्रेड 1/2/3 कोकिंग कोयले की आपूर्ति का विशेष प्रबंध करने की मांग उठाई। इस दौरान झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (JITA) के महासचिव राजीव शर्मा की ओर से ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि कोलियरी राष्ट्रीयकरण के दौरान सरकार ने कोकिंग कोयले के दुरुपयोग को रोकने और इसे राष्ट्रीय हित में स्टील उद्योग के लिए कोक उत्पादन में उपयोग करने वाली इकाइयों तक सीमित रखने का निर्णय लिया था। इसी नीति के तहत कोल इंडिया द्वारा स्थानीय हार्ड कोक उत्पादन इकाइयों को लिंकेज प्रदान किया गया था।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अशोका स्मोकलेस बनाम कोल इंडिया लिमिटेड मामले में वर्ष 2007 के आदेश के बाद भी कोल इंडिया ने धनबाद स्थित सभी इकाइयों को फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (FSA) योजना के माध्यम से कोयला आपूर्ति जारी रखी थी। हालांकि बीसीसीएल ने वर्ष 2019 से यह आपूर्ति बंद कर दी, जिससे इस क्षेत्र का उद्योग गंभीर संकट में आ गया है।
उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि कोयला आपूर्ति बंद होने से हार्ड कोक उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं और इससे लगभग एक लाख लोगों की बेरोजगारी की स्थिति पैदा हो गई है।
ज्ञापन में मांग की गई कि धनबाद स्थित हार्ड कोक इकाइयों के लिए कम से कम FSA लिंकेज को पुनः प्रारंभ किया जाए। बताया गया कि इस क्षेत्र की हार्ड कोक इकाइयों को वाशरी ग्रेड कोयले की वार्षिक आवश्यकता लगभग 3.6 मिलियन टन है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि SAIL और टाटा स्टील के बाद स्थानीय MSME हार्ड कोक इकाइयां बीसीसीएल की सबसे पुरानी उपभोक्ता हैं। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत MSME विकास के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि दुर्गापुर की इकाइयों को विशेष प्रावधान के तहत कोयला उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि धनबाद की इकाइयां कोयले के अभाव में बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। इस पर गंभीरता से विचार करने की अपील की गई है।
महासचिव राजीव शर्मा ने कहा कि बीसीसीएल के वर्तमान सीएमडी मनोज अग्रवाल से इस मामले में काफी उम्मीदें हैं। यदि कोयला आपूर्ति बहाल होती है तो इस क्षेत्र के उद्योगों को नया जीवन मिलेगा और रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।



